भोपाल में नगरीय निकाय चुनाव के अंतिम चरण का मतदान बुधवार को होगा। इसके पहले कांग्रेस ने भाजपा पर 6 जुलाई के बाद प्रशासन पर दबाव बनाकर शासकीय कर्मचारियों के पोस्टल वोट्स डलवाने का आरोप लगाया है।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं चुनाव आयोग कार्य प्रभारी जे.पी. धनोपिया ने मंगलवार को मप्र राज्य निर्वाचन आयोग को शिकायत सौंपते हुए कहा है कि प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता प्रभावशील है। नगर पालिक निगम भोपाल के चुनाव का मतदान 6 जुलाई, 2022 को संपन्न हो गया है। कम प्रतिशत में मतदान होने के कारण भारतीय जनता पार्टी द्वारा बड़े पैमाने पर धांधली कराए जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा प्रशासन पर दबाव बनाकर कर्तव्य मतपत्र (पोस्टल वोट्स) में मतदान दिनांक 6 जुलाई 2022 के बाद कराए गए हैं। इसके लिए प्रशासन ने हजारों की संख्या में शासकीय कर्मचारियों को मतपत्र स्पीड पोस्ट से भेजकर जबरिया मतदान कराने का कृत्य किया जा रहा है जो प्रजातंत्र के विपरीत है।
धनोपिया ने कहा कि इस संबंध में बड़े पैमाने पर शासकीय कर्मचारियों से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि उन्हें मतदान दिनांक के उपरांत कर्तव्य मतपत्र भेजकर मत डालने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिसकी पुष्टि निर्वाचन आयोग द्वारा डाक विभाग से स्पीड पोस्ट द्वारा भेजे जाने वाले डाक मतपत्रों की जानकारी प्राप्त कर की जा सकती है। क्योंकि मतदान दिनांक 6 जुलाई 2022 के बाद किसी भी परिस्थिति में किसी भी कर्मचारी को कर्तव्य मतपत्र (डाक मतपत्र) जारी नहीं किया जा सकता, वहीं भाजपा के इशारे पर प्रशासन द्वारा चिन्हित कर विशेष विचारधारा से संबद्ध शासकीय कर्मचारियों से मतदान कराने का षड्यंत्र किया जा रहा है, जो कि सरासर गलत एवं अनुचित है।
धनोपिया ने निर्वाचन आयोग से की शिकायत में मांग की है कि नगर पालिक निगम भोपाल में बड़े पैमाने पर हो रहे कर्तव्य मतपत्र (डाक मतपत्र) में हो रही धांधली को रोका जाए एवं 6 जुलाई 2022 के पूर्व जिला निर्वाचन अधिकारी को कुल कितने आवेदन निर्धारित प्रारूप 19 ग में प्राप्त हुए हैं, कितने कर्तव्य मतपत्र प्रशासन द्वारा जारी किए गए हैं कि जानकारी उपलब्ध कराई जाए। जिससे कि मतगणना दिनांक 17 जुलाई 2022 को मतगणना के समय उसकी पुष्टि की जा सके जो न्यायोचित होगा।