CSP नेहा पच्चीसिया पर एफआईआर दर्ज की गई है।
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मध्यप्रदेश के कटनी जिले की नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पच्चीसिया एक बार फिर विवादों में हैं। जमीन के 1.07 करोड़ रुपये के सौदे में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद कुठला थाना पुलिस ने सीएसपी नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अब बैंक ट्रांजेक्शन, रजिस्ट्री, नामांतरण और जमीन के भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच करेगी। खास बात यह है कि इससे पहले भी नेहा पच्चीसिया वसूली और हत्या के मामले में चालान में देरी के आरोपों को लेकर जांच के दायरे में रह चुकी हैं।
कटनी के कुठला थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61, 198, 199, 308(7) और 318(4) के तहत नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता आकाश उर्फ रमेश लोधी का आरोप है कि उनके पिता रमेश लोधी पर दबाव बनाकर ग्राम कन्हवारा की जमीन की रजिस्ट्री 15 अप्रैल 2026 को मारूफ अहमद हनफी के नाम करा दी गई। वहीं शिकायत के मुताबिक जमीन का सौदा 1.07 करोड़ रुपये में तय हुआ था, लेकिन रजिस्ट्री 18.20 लाख रुपये में कराई गई। आरोप है कि 15 लाख रुपये का चेक और 3.20 लाख रुपये नकद दिए गए, जबकि बाकी की राशि का भुगतान नहीं किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि रमेश लोधी के जेल में रहने के दौरान खरीदार के पक्ष में जमीन का नामांतरण भी करा दिया गया।
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शिकायत में सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर यह आरोप भी लगाया गया है कि उन्होंने रमेश लोधी को दो दिन तक अपने घर पर रखा और सरकारी वाहन से रजिस्ट्री कार्यालय ले जाया गया। पुलिस ने इन आरोपों की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की है। हालांकि आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। अब इस पूरे मामले में पुलिस की जांच का सबसे अहम पहलू 15 अप्रैल 2026 को मारूफ अहमद हनफी के खाते में पहुंचे 15 लाख रुपये का बैंक ट्रांजेक्शन माना जा रहा है। जांच एजेंसी बैंक स्टेटमेंट, भुगतान के दस्तावेज, नामांतरण की प्रक्रिया और रजिस्ट्री से जुड़े रिकॉर्ड खंगालकर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करेगी।
गौरतलब है कि नेहा पच्चीसिया पहले भी दो मामलों को लेकर चर्चा में रही हैं। जुलाई में एक ट्रांसपोर्टर ने वाहन चेकिंग के दौरान 30 हजार रुपये की कथित वसूली का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर तीन थानों का प्रभार वापस ले लिया गया था। वहीं, कुठला थाना क्षेत्र के एक हत्या मामले में समय पर चालान पेश नहीं होने से आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने के मामले में भी उनकी भूमिका की जांच चल रही है। इन दोनों मामलों की जांच जबलपुर स्थानांतरित कर ASP अनु बेनीवाल को सौंपी गई थी फिलहाल जमीन सौदे से जुड़े इस मामले में पुलिस का कहना है कि एफआईआर जांच की शुरुआत है। दस्तावेजी साक्ष्य, बैंक लेन-देन और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।