इंदौर जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण आईसीएमआर द्वारा अनुमोदित शहर के एकमात्र कोविड-19 के निजी टेस्टिंग लैब को जांच के लिए अब तक एक भी नमूना नहीं मिला है। जबकि अन्य राज्यों के निजी प्रयोगशालाओं को परीक्षण के लिए 1000 से अधिक नमूने भेजे गए हैं। शहर का केंद्रीय लैब एक दिन में 200 कोविड-19 के नमूनों की जांच करने में सक्षम है। पिछले सप्ताह ही इसे आईसीएमआर ने कोरोना की जांच करने की मंजूरी दी थी।
इस दौरान शहर के लैब की अनदेखी करते हुए करीब 2200 सैंपल जांच के लिए शहर से बाहर देश के अलग-अलग हिस्सों के विभिन्न प्रयोगशालाओं में भेजे गए। लैब प्रभारी विनीता कोठारी ने कहा कि हमें कोविड-19 नमूनों के परीक्षण के लिए जिला प्रशासन से किसी तरह का संदेश नहीं प्राप्त हुआ है। आईसीएमआर ने 27 अप्रैल को वायरस परीक्षण के लिए इस लैब को मंजूरी दी थी।
उन्होंने कहा कि जब हमें प्रशासन की ओर से जांच के लिए सैंपल नहीं मिले तो, हमने निजी आस्पतालों से संपर्क कर टेस्टिंग शुरू करने कि कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने इसपर रोक लगा दिया। हमने शुक्रवार को 19 और शनिवार को कुछ नमूनों का परीक्षण किया, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने हमें काम बंद करने के लिए कह दिया। हम किट के साथ टेस्टिंग के लिए तैयार हैं, लेकिन हमें अभी तक भी सैंपल नहीं मिला है।
वहीं, 1000 हजार नमूनों को जांच के लिए अहमदाबाद और 600 को पुदुचेरी की प्रयोगशाला में भेजा गया है। राज्य के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देश देने के लिए नमूने नहीं दिए जाने के कारण के बारे में पूछे जाने पर कहा कि इसके बारे में दिशानिर्देश विशिष्ट हैं। इसलिए, उन्हें काम बंद करने के लिए कहा गया।