मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
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नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण व गर्भपात के अपराध में सजा से दंडित प्यारे मियां, उसके मैनेजर तथा डॉक्टर ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। हाईकोर्ट जस्टिस सुजय पॉल तथा जस्टिस नंदिता दुबे की युगलपीठ ने तीनों अपील को सुनवाई के लिए रेगुलर बेंच के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए हैं। अपीलों पर अगली सुनवाई 17 जुलाई को निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि नाबालिग बच्चिों के दुराचार व गर्भपात करने के मामले में भोपाल न्यायालय ने 68 साल के प्यारे मियां को विभिन्न धाराओं के तहत 4 बार उम्रकैद की सजा से दंडित किया था। प्रकरण में आरोपी मैनेजर ओवैस को भी दुष्कर्म के आरोप में उम्रकैद कैद की सजा दी गई। न्यायालय में प्रकरण में आरोपी महिला स्वीटी विश्वकर्मा को 20 साल की जेल तथा बच्चियों का अबॉर्शन कराने वाले डॉक्टर हेमंत मित्तल को 5 साल की सजा से दंडित किया था।
इसी सजा के खिलाफ प्यारे मियां, मैनेजर ओवैस तथा डॉक्टर हेमंत मित्तल ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील पर गुरुवार को सुनवाई के बाद अवकाशकालीन युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए। अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी।