याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राधेलाल गुप्ता ने पक्ष रखा।
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मप्र हाईकोर्ट ने पेंटीनाका-बरेला मार्ग चौड़ीकरण कम होने सहित पुन: सब्जी व अन्य ठेले वालों द्धारा अतिक्रमण किये जाने को चुनौती देने वाले मामले को सख्ती से लिया। जस्टिस शील नागू व जस्टिस पुरुषेन्द्र कौरव की युगलपीठ ने दायर अवमानना मामले में मप्र शासन के प्रमुख सचिव, निगामायुक्त संदीप जीआर व बरेला नगर परिषद के सीईओं को कारण बताओं नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
हाईकोर्ट में यह अवमानना याचिका एसबीसी के बाईस चेयरमेन व जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष आरके सिंह सैनी की ओर से दायर किया गया है। जिसमें कहा गया है कि पूर्व में उनकी ओर से पेंटीनाका बरेला मार्ग निर्माण व चौड़ीकरण कम होने को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई थी। जिस पर सब्जी व अन्य ठेलों द्धारा अतिक्रमण किये जाने का मुद्दा भी उठाया गया था। हाईकोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई तो की गई, लेकिन पुन: अब ठेले वालों ने मार्ग के दोनों ओर कब्जा कर लिया है, जो कि न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है, जिस पर यह अवमानना याचिका दायर की गई है। मामले की प्रारंभिक सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राधेलाल गुप्ता ने पक्ष रखा।