टीकमगढ़ जिले के जतारा थाना क्षेत्र के पांच गांवों को अलग कर खड़गापुर थाना क्षेत्र में जोड़े जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जस्टिस मनिंदर सिंह भट्टी व डीके पालीवाल की युगलपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 30 जून को निर्धारित की गई है।
यह जनहित याचिका टीकमगढ़ जिले की पलेरा तहसील अंतर्गत ग्राम फूलपुर की सरपंच आशा सिंह गौर की ओर से दायर की गई है। इसमें 11 मई 2022 को जारी उस अधिसूचना को चुनौती दी गई है, जिसमें पांच गांवों को जतारा थाना क्षेत्र से अलग कर खड़गापुर थाना क्षेत्र में जोड़ा जा रहा है। आवेदक की ओर से कहा गया कि ग्राम गुड़ा नजदीक पाली, मोर रमन्ना, पाली, भरगौरा व फूलपुर को जतारा से अलग किया जा रहा है, जबकि उक्त गांवों की दूरी जतारा थाना से मात्र 8 से 10 किमी है, जबकि जिस खडग़ापुर थाना क्षेत्र में उक्त गांवों को शामिल किया जा रहा है, उसकी दूरी 20 किमी दूर है, जो कि लोगों के लिए असुविधाजनक होगा।
इतना ही नहीं गांवों को जतारा से अलग किए जाने के बाद तहसील खड़गापुर लगेगी और सिविल कोर्ट टीकमगढ़ होगा, जिसकी दूरी खड़गापुर से 60 से 70 किमी है, जबकि जतारा में ही एडीजे कोर्ट है। उक्त अधिसूचना जनसुविधा नहीं बल्कि उक्त पांच ग्राम वासियों के लिए असुविधाजनक होगी। मामले में प्रमुख सचिव गृह विभाग, जिला कलेक्टर टीकमगढ़ व पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ को पक्षकार बनाया गया है। मामले की प्रारंभिक सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार पटेल ने पक्ष रखा।