डिंडोरी जिले की दो विधानसभा में बागी प्रत्याशी के कारण कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है। कांग्रेस के बागियों ने नामांकन दाखिल करने फॉर्म ले लिए हैं। दोनों विधानसभा सीट पर फिलहाल कांग्रेस का कब्जा है। कांग्रेस ने इस बार भी वर्तमान विधायकों को चुनाव मैदान में उतारा है।
बता दें कि डिंडोरी विधानसभा सीट से कांग्रेस ने वर्तमान विधायक ओमकार मरकाम को चुनाव मैदान में उतारा है। उनके खिलाफ भाजपा ने पंकज टेकाम मैदान में है। वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्र रेस परस्ते भी कांग्रेस से टिकट की दावेदारी कर रहे थे। टिकट नहीं मिलने के कारण वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं और नामांकन फॉर्म भी ले लिया है। वर्तमान कांग्रेस विधायक इस सीट से पिछले तीन विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करते आए हैं। इस सीट पर उनका साल 2008 से कब्जा बरकरार है और चौथी बार चुनाव मैदान में उतरे हैं। उनके जीत को चौके को रोकने पाटी के बागी प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे पूरी तरह से तैयार हैं।
शाहपुरा सीट से कांग्रेस के वर्तमान विधायक भूपेन्द्र सिंह मरावी को पार्टी ने पुनः चुनाव मैदान में उतारा है। उनके सामने भाजपा के राष्टीय सचिव ओम प्रकाश धुर्वे चुनाव मैदान में हैं। पिछले चुनाव में वर्तमान कांग्रेस विधायक से उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था। इस बार पुनः दोनों आमने सामने हैं। कांग्रेस पाटी के नेता तथा पूर्व शिक्षक तोक सिंह मरावी ने बागी तेवर अख्तियार कर रहे हैं और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। नामांकन दाखिल करने के लिए उन्होंने फॉर्म ले लिया है। डिंडोरी सीट से परस्ते तथा शाहपुरा सीट से मरावी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ते हैं तो वह कांग्रेस के लिए वोट कटवा साबित हो सकते हैं। इससे पार्टी को दोनों सीटों पर नुकसान से इंकार नहीं किया जा सकता।