मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)
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मध्य प्रदेश से राज्यसभा की 11 सीटें हैं। इनमें से आठ सीटें भाजपा और तीन सीटें कांग्रेस के पास हैं। इन 11 सीटों में से अप्रैल 2024 में पांच सीटें खाली हो रही हैं। इन पांच सीटों में से फिलहाल चार भाजपा और एक कांग्रेस के पास हैं। इन सीटों के रिक्त होने से पहले चुनाव आयोग इन सीटों पर चुनाव कराएगा। मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्यों की संख्या के आधार पर सदस्य के मत का मूल्य तय होगा। ऐसे में साफ है कि जिस पार्टी के सदस्यों की संख्या जितनी ज्यादा होगी, उसके उतने ही राज्यसभा सदस्य चुनाव जीतेंगे। इन पांच राज्यसभा सीटों को लेकर दोनों ही राजनीतिक दलों में राज्यसभा प्रत्याशियों के लिए अभी से चर्चा शुरू हो गई है।
कांग्रेस से दिग्विजय और विवेक तन्खा सदस्य
भाजपा के पास अप्रैल 2018 में 165 सीटें थीं। उसके पांच में से चार सदस्य चुने गए थे। इसमें धर्मेंद्र प्रधान, अजय प्रताप सिंह, कैलाश सोनी, थावरचंद गेहलोत राज्यसभा गए थे। वहीं, कांग्रेस की तरफ से राजमणि पटेल चुने गए थे। इसके बाद सितंबर 2021 में थावरचंद गहलोत के त्यागपत्र देने के बाद भाजपा ने उनकी जगह डॉ. एल. मुरुगन को चुन कर राज्यसभा भेजा था। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह का कार्यकाल जून 2026 और विवेक तन्खा का कार्यकाल जून 2028 तक है।