कांग्रेस ने रविवार को मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की 144 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में रीवा की चार विधानसभा सीटों में उम्मीदवारों का नाम शामिल किया गया है, जिसमें गुढ़ से कपिध्वज सिंह नए चेहरे पर पार्टी ने भरोसा जताया है। वहीं, मऊगंज से सुखेंद्र सिंह बन्ना, मनगवा से बबीता साकेत और त्योंथर से रमाशंकर पटेल जैसे पुराने नामों पर ही पार्टी ने एक बार फिर दांव खेला है।
कांग्रेस पार्टी की पहली सूची जारी होने के साथ ही त्योंथर और गुढ़ विधानसभा सीट से टिकट मिलने की अटकलों पर विराम लग गया है। हालांकि, कांग्रेस की दूसरी सूची अभी आना बाकी है। ऐसे में पार्टी के द्वारा रीवा की अन्य विधानसभा सीटों से भी सिद्धार्थ तिवारी के नाम पर चर्चा की जा सकती है। वह भी इसलिए क्योंकि अभी कुछ दिनों पहले ही टिकट कटने के अंदेशे से ही उनकी नाराजगी खुलकर सामने आई थी।
सिद्धार्थ तिवारी
रीवा में कांग्रेस के चार प्रत्याशी घोषित, चार बाकी
दरअसल, रीवा की आठ विधानसभा सीटों में कांग्रेस के अलग-अलग क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवारी का दावा पेश किया था। इसमें पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री निवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी ने भी त्योंथर विधानसभा क्षेत्र से अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। मगर कांग्रेस ने उन्हें जगह नहीं दी। कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 144 विधानसभा सीटों में टिकट का बंटवारा किया है, जिसमें रीवा की भी चार विधानसभा सीट शामिल है। मगर इन चार विधानसभा सीटों में कांग्रेस ने जिन तीन चेहरों पर अपना भरोसा जताया है, वो चौंका देने वाले नाम ही हैं। रीवा की चार विधानसभा सीटों की बात करें तो मऊगंज से सुखेंद्र सिंह बन्ना के अतिरिक्त मनगवा, त्योंथर और गुढ़ से पार्टी ने जिन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, वो चौंकाने वाले नाम ही हैं।
सारा गुणा भाग लगाकर कांग्रेस ने उतारे प्रत्याशी
कांग्रेस पार्टी ने सारा का सारा चुनावी गुणा भाग लगाकर चारो प्रत्याशियों को अपना उम्मीदवार बनाया है। अगर बात की जाए गुढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी से उम्मीदवार बनाए गए कुंवर कपिध्वज सिंह की तो 2018 के चुनाव में वह सपा से टिकट लेकर चुनावी मैदान में उतरे थे। चुने हुए और भाजपा प्रत्याशी नागेन्द्र सिंह को उन्होंने कड़ी टक्कर दी, लेकिन वह 7,828 वोटों से चुनाव हार गए।
साल 2018 के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे कैंडिडेट को मिली जगह
इसी तरह से मऊगंज सीट से कांग्रेस पार्टी ने अपने पुराने उम्मीदवार सुखेंद्र सिंह बन्ना पर भरोसा जताया और दोबारा टिकट देकर उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्यासी रहे सुखेंद्र सिंह बन्ना 10,892 वोटों से चुनाव हारे और बीजेपी प्रत्याशी प्रदीप पटेल जीत गए, अब साल 2023 के चुनावों में एक बार फिर बन्ना का सामना भाजपा के प्रदीप पटेल से होगा।
त्योंथर से रमाशंकर सिंह पुराने और कद्दावर नेता
अगर बात की जाए त्योंथर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी बनाए गए रमाशंकर सिंह की तो साल 2018 के विधानसभा चुनाव में रमाशंकर सिंह 5,343 वोटों से चुनाव हारे और बीजेपी प्रत्याशी श्यामलाल द्विवेदी ने जीत हसिल की। अब साल 2023 के चुनाव में इस सीट से बीजेपी ने अभी तक अपना कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। इसमें अगर बीजेपी दोबारा अपना कैंडिडेट श्यामलाल द्विवदी को बनाती है तो यह सीट बीजेपी के लिए चुनौती भरी होगी।
मनगवा सीट से बबिता साकेत को मिला टिकट
वहीं, मनगवा सीट से कांग्रेस ने इस बार बबिता साकेत को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यह सीट अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित है। इसमें कांग्रेस ने एक बार फिर साल 2018 की महिला कैंडिडेट रही बबिता साकेत पर ही अपना भरोसा जताते हुए उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पिछली बार कांग्रेस उम्मीदवार बबिता साकेत 18,530 वोटों से चुनाव हारीं और बीजेपी कैंडिडेट पंचूलाल प्रजापति ने जीत हासिल की थी।