बैलगाड़ी से नामांकन भरने पहुंचे नंदराम कुशवाहा
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नंदराम कुशवाहा भारतीय जनता पार्टी से दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री रहे हैं। लेकिन भाजपा से टिकट न मिलने से नाराज होकर वह पार्टी से अपना इस्तीफा देकर चुनाव मैदान में उतर गए हैं। उन्होंने शुक्रवार को 46 निवाड़ी विधानसभा से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना पर्चा दाखिल किया है।
जानकारी के मुताबिक, नंदराम कुशवाहा ने शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ बैलगाड़ी पर बैठ कर निर्वाचन कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन करने के बाद उन्होंने कहा कि मैं किसान हूं और बैलगाड़ी किसान की पहचान है। इसलिए बैलगाड़ी से आया हूं।
नंदराम कुशवाहा ने कहा कि किसान, मजदूर आदमी बहुत परेशान हैं। किसान ऑफिसों के चक्कर लगाकर थक जाता है और उनके काम नहीं होते हैं। इस स्थिति में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि कहीं भ्रष्टाचार न हो, राशन की चोरी न हो और कहीं अवैध खनन न हो। इसलिए जनता ने मुझे नेता बनाया है और उन्हीं के कहने से मैं चुनाव मैदान में आया हूं। भारतीय जनता पार्टी ने जब सर्वेक्षण कराया तो मेरा नाम टिकट की दौड़ में था। लेकिन सर्वेक्षण को दरकिनार कर किसी और को टिकट दे दिया। मैं एससी, एसटी, ओबीसी और जनरल जनता की आवाज बनकर मैदान में आया हूं।