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एमपी: बिल भुगतान के बदले तीन लाख रुपये की मांग, सीबीआई ने केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्य पर दर्ज की एफआईआर

Thu, 08 Oct 2026 07:01 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटारसी

सार

इटारसी केंद्रीय विद्यालय-1 की प्राचार्य श्रद्धा पाठक पर आठ लाख रुपये के लंबित बिलों का भुगतान स्वीकृत करने के बदले तीन लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। सीबीआई सत्यापन में मांग की पुष्टि के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

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सीबीआई। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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केंद्रीय विद्यालय-1, ऑर्डिनेंस फैक्टरी इटारसी की प्राचार्य श्रद्धा पाठक के खिलाफ सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा भोपाल ने तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने करीब आठ लाख रुपये के लंबित बिलों का भुगतान स्वीकृत करने के बदले तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।

जेम पोर्टल से मिला था काम

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भोपाल निवासी ठेकेदार ऋषि जैन ने पांच अक्तूबर को सीबीआई के पुलिस अधीक्षक को इस संबंध में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, उनकी और उनके परिवार के स्वामित्व वाली तीन अन्य फर्मों को सितंबर में जेम पोर्टल के माध्यम से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय-2, सीपीई इटारसी के तीन कमरों के नवीनीकरण का ठेका मिला था।

कार्य एजेंसी ने नवीनीकरण का करीब 90 प्रतिशत काम समय पर पूरा कर लिया था। इसके बावजूद करीब आठ लाख रुपये के बिलों का भुगतान लंबित था। इन बिलों को पास करने का प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार केंद्रीय विद्यालय-1 की प्राचार्य श्रद्धा पाठक के पास था। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह तीन अक्तूबर को बकाया भुगतान के संबंध में प्राचार्य के कक्ष में गए थे। इस दौरान उनसे बिलों का भुगतान स्वीकृत करने के बदले तीन लाख रुपये की अनुचित राशि की मांग की गई।

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पूर्व में भी भुगतान के नाम पर वसूली का आरोप

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शिकायतकर्ता ऋषि जैन ने केंद्रीय विद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व के भुगतान प्रकरण में भी उनसे अनुचित राशि की मांग की गई थी। उनका दावा है कि अप्रैल में दबाव की स्थिति में उन्हें रिश्वत का भुगतान करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। उन्होंने इस पूर्व लेन-देन से जुड़े प्रमाण भी सीबीआई को उपलब्ध कराने का दावा किया है।शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा भोपाल ने मामले का गोपनीय सत्यापन शुरू किया।

सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि
सीबीआई ने शिकायत के सत्यापन की जिम्मेदारी निरीक्षक अभिषेक सोनेकर को सौंपी। जांच अधिकारी ने छह अक्तूबर को एक स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में शिकायत का भौतिक सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान बिलों के भुगतान के बदले तीन लाख रुपये की मांग किए जाने की पुष्टि हुई।

जांच में यह भी सामने आया कि प्राचार्य सात अक्तूबर को इटारसी में अपने निर्धारित व्यक्ति के माध्यम से रिश्वत की राशि लेने पर सहमत हुई थीं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद सीबीआई ने प्राचार्य श्रद्धा पाठक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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