जिले में आदिवासी परिवार के एक सनकी युवक ने बीती रात अपने ही परिवार को खत्म कर डाला। उसने मां व मासूम भतीजे—भतीजियों समेत आठ परिजनों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी और खुद भी फंदा कस कर जान दे दी। इस सनसनीखेज वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक ने यह कदम क्यों उठाया, यह अभी पता नहीं चल सका है।
यह जघन्य वारदात छिंदवाड़ा जिले की अंतिम सीमा पर बसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के थाना माहुलझिर अंतर्गत ग्राम बादल कछार में हुई। आदिवासी परिवार के एक युवक ने कुल्हाड़ी से अपनी मां, पत्नी, भाई-भाभी और तीन भतीजियों समेत परिवार के कुल आठ लोगों की हत्या कर दी और उसके बाद खुद भी फंदा कसकर जान दे दी। सूचना मिलते ही माहुलझिर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे गांव को सील कर दिया।
21 मई को हुई थी आरोपी की शादी
पुलिस के मुताबिक आरोपी की शादी 21 मई को हुई थी। सबसे पहले उसने पत्नी की हत्या की, फिर 55 वर्षीया मां, 35 वर्षीय भाई, 30 वर्षीया भाभी, 16 वर्षीया बहन, 5 वर्षीया भतीजी, 4 एवं डेढ़ वर्षीया दो भतीजियों को कुल्हाड़ी से काट डाला। पुलिस ने घटनास्थल से कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। आठ लोगों की हत्या के मामले में अब तक कारण का पता नहीं चला है। पुलिस के मुताबिक आरोपी मानसिक रूप से विक्षिप्त था और उसने कुल्हाड़ी से वार कर आठों परिजनों को मार दिया। इसके बाद आरोपी ने घर से थोड़ी दूर जाकर फंदा कस कर जान दे दी।
इनकी हुई मौत
पुलिस के अनुसार मृतकों में आरोपी दिनेश उर्फ भूरा, मां सियाबाई (55), भाई श्रवण (35), भाभी बरातो बाई (30), बहन पार्वती (16), भतीजा कृष्ण (5), भतीजी सेवंती (4), भतीजी दीपा (डेढ़ साल) और आरोपी की पत्नी वर्षा (23)। इसके अलावा, पड़ोस में रहने वाले ताऊ के बेटे के मुंह पर कुल्हाड़ी मारकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। जब आस-पास के लोग चिल्लाने लगे तो आरोपी मौके से फरार हो गया था। आरोपी दिनेश के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने दिए जांच के दिए निर्देश, मंत्री को भेजा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह घटना दु:खद है, ऐसी घटना सभी को झकझोर देती है। दु:ख की इस घड़ी में मैं प्रभावित परिवार के साथ हूं। इस घटना की जांच कराएंगे। मंत्री संपतिया उइके को छिंदवाड़ा जाने के लिए कहा है। संपतिया उइके वहां जाकर बचे हुए परिवार के लोगों से मिलेंगी। प्रारंभिक जांच में नवयुवक मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया गया है। मुझे इस बात का बहुत दु:ख है. शोक की इस घड़ी में सरकार मदद करेगी। ॐ शांति...।