आज दीपावली है। रोशनी का पर्व, उल्लास का त्योहार। शाम को पटाखे फोड़ने की तैयारी है मगर पटाखे फोड़ने से पहले यह खबर पढ़ लीजिए, क्योंकि इस बार दीपावली पर कुछ बंदिशें लगाई गई हैं। खुशियां मनाने की छूट है मगर पटाखे केवल दो घंटे ही फोड़ सकते हैं।
मध्यप्रदेश के देवास, उज्जैन, रतलाम आदि शहरों में जिला प्रशासन ने इस तरह के आदेश जारी किए हैं। इसमें कहा है कि दीपावली पर रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़े जा सकेंगे। ये भी ग्रीन पटाखे होने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला देते हुए इस तरह का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने अपील भी की है कि इस आदेश का पालन किया जाए।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
प्रशासन के दो घंटे पटाखे छोड़ने के आदेश आने के बाद अब लोग असमंजस में हैं कि वे क्या करें। सोशल मीडिया पर इसको लेकर बातें हो रही हैं तो कई लोग कह रहे हैं कि आदेश तो आते रहते हैं, त्योहार साल में एक बार आता है। ऐसे में आज रात को पटाखों पर समय का प्रतिबंध कितना लागू होता है यह कहना मुश्किल है।
कांग्रेस ने कहा-त्योहारों पर प्रतिबंध क्यों
प्रशासन के इस आदेश पर सियासत भी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इस आदेश का विरोध किया है। देवास कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने कहा कि देवास प्रशासन का ये कैसा फरमान है। केवल दो घंटे ही होगी आतिशबाजी की छूट। हर बार की तरह इस बार भी हमारे देवास विधायक-सांसद मौन क्यों है। क्या ये माना जाए कि ऐसे बेतुके आदेश देवास की जनता पर थोपाना इन नेताओं की सहमति से ही हो रहा है। नवरात्रि, ईद पर भी आदेश निकाला गया और अब दीपावली पर भी। धर्म पर पहरा और त्योहारों पर प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। भाजपा भाजपा केवल धर्म के नाम पर वोट लेकर इतिश्री न करें। आज प्रशासन आपका है तो हमारे त्योहारों पर प्रतिबंध लगने पर आप चुप क्यों बैठे हो।