मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु दर साढ़े सात प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय स्तर पर इस महामारी से मृत्यु दर (करीब सवा तीन प्रतिशत) से दोगुने से भी ज्यादा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना वायरस संक्रमण से मौतों को गंभीरता से लेते हुए कोरोना संक्रमित मरीजों के सर्वोत्तम उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस बीच इंदौर, भोपाल और उज्जैन में सख्त लॉकडाउन किया है। साथ ही 15 जिलों के हॉटस्पॉट इलाके भी सील करने के आदेश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार रात तक मध्य प्रदेश में कुल 385 लोग कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए थे, जिनमें से 29 लोगों (गुरुवार तक 31) यानी साढ़े सात प्रतिशत की मौत हो चुकी है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से प्राप्त ताजा जानकारी के मुताबिक देशभर में बुधवार को कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 5,274 हो गई थी और इस संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 149 यानी 2.8 प्रतिशत है। इस हिसाब से आईसीएमआर के आंकड़ों से तुलना करने पर भी मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु दर राष्ट्रीय मृत्यु दर से 4.7 प्रतिशत अधिक है, जो दोगुने से भी ज्यादा है।
गुरुवार तक कुल 411 लोग संक्रमित
मध्यप्रदेश में गुरुवार रात तक कुल 411 लोग कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए हैं। प्रदेश में सबसे अधिक 221 संक्रमित मरीज इंदौर में मिले हैं, जबकि इसके बाद 98 मरीज भोपाल में पाए गए हैं। प्रदेश में अब तक 33 लोगों की मौत कोरोना वायरस के संक्रमण से हो चुकी है, जिनमें से इंदौर में 23, उज्जैन में पांच, भोपाल, खरगोन और छिंदवाड़ा में एक-एक शामिल है। इंदौर में आज एक डॉक्टर की भी मौत हुई है।
मध्य प्रदेश में पहला कोरोना वायरस का संक्रमित व्यक्ति जबलपुर में 20 मार्च को मिला था, जो पिछले 20 दिनों में बढ़कर 411 हो गए और मध्य प्रदेश के 52 जिलों में से 16 जिलों में इस महामारी ने अब तक दस्तक दे दी है।