मध्य प्रदेश में कोरोना भयावह रूप ले रहा है। पिछले आठ दिन में कोरोना के नए केस में 10 गुना तक बढ़ोतरी हुई है। 29 दिसंबर को जहां 48 नए केस सामने आए थे, वो 5 जनवरी को बढ़कर 594 हो चुके हैं। इसके बाद भी फिलहाल राज्य सरकार वेट एंड वॉच के मूड में है। मंत्री कह रहे हैं कि फिलहाल स्थिति कड़े प्रतिबंध लगाने की नहीं आई है।
मध्य प्रदेश में पिछले 8 दिन में किस तरह बढ़े कोरोना केस
| दिनांक |
नए केस |
| 29 दिसंबर 2021 |
48 |
| 30 दिसंबर 2021 |
72 |
| 31 दिसंबर 2021 |
77 |
| 1 जनवरी 2022 |
124 |
| 2 जनवरी 2022 |
168 |
| 3 जनवरी 2022 |
221 |
| 4 जनवरी 2022 |
308 |
| 5 जनवरी 2022 |
594 |
कई राज्यों में बढ़ते केसेस को गंभीरता से लेते हुए लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध लगाने की तैयारी हो गई है। कुछ राज्यों ने तो स्कूल, जिम, दफ्तरों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर नियम जारी किए हैं। पर फिलहाल मध्य प्रदेश सरकार को इसकी जरूरत महसूस नहीं हो रही है। मीडिया से बात करते हुए चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि अभी और किसी तरह के प्रतिबंधों पर विचार नहीं है। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोरोना के केस नहीं बढ़े। इसके लिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। जिम्नेशियम से लेकर सिनेमा हॉल तक हम सिर्फ उन्हें ही अनुमति दे रहे हैं, जिन्हें कोरोना के दोनों डोज लगे हुए हो। नाइट कर्फ्यू लगा रखा है। इसके अलावा फिलहाल कोई पाबंदी लगाने की आवश्यकता महसूस नहीं की जा रही।
एम्स भोपाल में भी होगी जीनोम सिक्वेंसिंग
जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट आने में देरी पर सारंग ने कहा कि एम्स भोपाल में जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए बजट आवंटित हुआ है। जल्द ही वहां भी जीनोम सिक्वेंसिंग शुरू होगी। वैसे, कोई भी वैरिएंट हो, उसका ट्रीटमेंट प्लान एक-सा है। इस वजह से घबराने की जरूरत नहीं है। ट्रीटमेंट तो जारी रहेगा। जरूरी यह है कि तबियत खराब होने पर टेस्ट कराए और खुद को आइसोलेट करें। ताकि वह वायरस किसी और को इन्फेक्ट न कर सकें।