मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार से हो गई। कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के राज्यपाल के अभिभाषण के बहिष्कार से सत्र में अलग ही विवाद खड़ा हो गया। गृहमंत्री ने सवाल उठाए हैं। हालांकि जीतू पटवारी ने सारे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मैंने सदन की मर्यादा का ध्यान रखा है, जो कहा है सदन में तो नहीं कहा।
जीतू पटवारी ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि मेरा प्रयास पार्टी के लिए है, मेरा प्रयास कमलनाथ जी को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने का है। मेरा प्रयास मध्य प्रदेश के हित में है। उन्होंने कहा मैंने जो किया, सोच-समझकर किया। मेरी बात मैंने ट्वीटर के माध्यम से कह दी है। मध्य प्रदेश की सरकार मनमाने फैसले ले रही है। मध्य प्रदेश में 7000 दुकानें शराब की हो गई हैं, साढ़े तीन हजार दुकानें एकसाथ बढ़ा दी गई हैं। इसका विरोध होना चाहिए। अगर जरूरत पड़ी तो वह 100 बार विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करेंगे।
अभिभाषण के विरोध के बाद कांग्रेस ने किनारा कर लिया है, इस पर उन्होंने कहा कि आपको ऐसा क्यों लगता है। मेरी बातों से आपको ऐसा लगा क्या। मेरा प्रयास कमलनाथ जी को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने का है। मैं इसके लिए ही काम कर रहा हूं। कुछ देर पहले ही कमलनाथ जी ने पत्र लिखा है। कांग्रेस के लिए ही हम काम कर रहे हैं। मैंने विधायक के अधिकार के तहत ही विरोध किया है।
आगे भी विरोध जारी रखने की बात पर पटवारी ने कहा कि मेरा विरोध प्रतीकात्मक था। मेरा लोकतांत्रिक अधिकार है सदन में जाने का, मैं जाऊंगा। आप बताइए पिछले दो साल में 23 दिन सदन की कार्यवाही हुई है, इसमें 10 दिन तो श्रद्धांजलि देने में चले गए। जनता की बात रखने मैं सदन में जाऊंगा। जनता के मुद्दे उठाना हमारा कर्तव्य है। सदन में विरोध नहीं किया जाएगा तो कहां किया जाएगा।