मध्य प्रदेश विधानसभा ने सोमवार को दंड विधि संशोधन विधेयक पास कर दिया है। सर्वसम्मति से मंजूर इस विधेयक में 12 साल या इससे कम आयु की बच्ची से बलात्कार करने पर फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है।
राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए इस विधेयक को मंजूर करना जरूरी था। महिलाओं के साथ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने की बात भी चौहान ने कही।
गौरतलब है कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार बलात्कार के मामलों में मध्य प्रदेश का देश में पहला नंबर है। अगर हिसाब लगाया जाए तो राज्य में हर दिन बलात्कार के 13 मामले होते हैं। जाहिर है, राज्य सरकार के लिए यह आंकड़ा हर लिहाज से शर्मनाक है। अगले साल चूंकि विधानसभा के चुनाव हैं, लिहाजा सरकार इस मुद्दे पर अपनी छवि को लेकर खासा चिंतित है। दंड विधि संशोधन विधेयक इसी चिंता की देन है।
विधेयक में 12 साल तक की बच्ची से रेप या गैंग रेप के दोषी को फांसी की सजा के प्रावधान के साथ और भी चीजें जोड़ी गई हैं। मसलन, शादी का प्रलोभन देकर संबंध बनाने के मामलों में तीन साल की सजा का प्रावधान किया गया है। महिला को निर्वस्त्र करने के मकसद से छेड़छाड़ करने पर एक लाख रुपये के अर्थ दंड को शामिल किया गया है।
इतना ही नहीं ऐसे मामलों में लोक अभियोजक का पक्ष सुने बगैर जमानत का लाभ भी नहीं दिया जा सकेगा। जानकारों के अनुसार यह विधेयक अब राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र के पास भेजा जाएगा।
Madhya Pradesh assembly unanimously approves bill awarding 'hanged till death' sentence for convicts of rape & gang-rape cases involving girls below 12 years of age— ANI (@ANI) December 4, 2017