मुरैना जिले के अम्बाह एक शवयात्रा को भड़ोली गांव में मरघट तक जाने के लिए रास्ता न देने पर मामला गरमा गया। इसे लेकर कहासुनी भी हुई। लगभग 4:00 घण्टे तक शव सड़क पर रखा रहा। शिकायत भी बेअसर रही।
जानकारी के अनुसार भडोली गांव के महाराज सिंह का बीमारी के चलते को निधन हो गया था। महाराज सिंह के परिजन उनकी शव यात्रा लेकर शमशान घाट जा रहे थे, लेकिन शमशान घाट से पहले कुछ दबंगों ने शव यात्रा को रोक दिया। दबंगों का कहना था कि जो रास्ता शमशान घाट की तरफ जाता है। वह रास्ता उनकी निजी भूमि पर है, इसलिए वह शव को अपने रास्ते से नही निकलने देंगे। इसके बाद लगभग 4:00 घंटे तक शव सड़क पर रखा रहा। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत पहुंची तो मौके पर पटवारी शिव मोहन सिंह तोमर को भेजा गया। उनकी समझाइश के बावजूद भी शव यात्रा को आगे बढ़ने नहीं दिया।
ग्रामीणों से सर्वसम्मति बनाकर वहीं सड़क के पास सरकारी भूमि पर मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया और उक्त भूमि पर शमशान घाट बनाने का प्रस्ताव पंचायत को बनाकर भेजा गया। वहीं इस घटना के बाद ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना था कि श्मशान का रास्ता न होने पर ग्रामीणों को हर मौत के बाद दबंगों का दबाब झेलना पड़ता है। वहीं इस मामले में अधिकारियों को भी शिकायत की लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा।