मुरैना जिले के रैपुरा गांव में एक साथ दो तेंदुए देखे गए हैं। उनके पद चिन्हों को उन्नाव वालों ने वन विभाग को भेजे हैं। वही, दूसरी तरफ एक वनरक्षक रैपुरा गांव में गया तथा गांव वालों से बोला कि सभी लोग घर के अंदर रहें। अगर तेंदुए ने आप में से किसी को मारा डाला तो तेंदुए का कुछ नहीं बिगड़ेगा, लेकिन अगर आप लोगों ने तेंदुए को मार डाला तो आप सबके ऊपर धारा-302 के अंतर्गत हत्या का केस चलेगा। यह सुनकर गांव वालों में तरफ जहां तेंदुए का भय व्याप्त है, वहीं दूसरी तरफ वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है।
बता दें कि मुरैना जिले के अंबाह क्षेत्र के महुआ गांव के पास लौटई रोड पर मौजूद गांव रैपुरा में दो तेंदुआ डेरा डाले हुए हैं। पिछले सप्ताह इन तेंदुओं ने दो बकरियां, एक नीलगाय तथा एक भैंसा व गाय को अपना निशाना बना लिया है। दोनों तेंदुए मिलकर जानवरों को अपना शिकार बना रहे हैं, उनको मार कर खा रहे हैं। लेकिन वन विभाग का अमला चुपचाप बैठा हुआ है।
बीते दिन जब गांव वालों ने सूचना दी तो वन विभाग का एक आरक्षक गुरुवार को रैपुरा गांव में पहुंचा तथा गांव वालों से बोला कि जब तक तेंदुए आपके क्षेत्र से चले नहीं जाते। आप सभी लोग अपने घर के अंदर रहें और घर से बाहर बिल्कुल न निकले। इसके साथ ही उसने गांव वालों से कहा कि अगर तेंदुए ने आप लोगों को मार डाला तो उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा। लेकिन अगर तेंदुए को आप लोगों ने घेर कर मार डाला तो आप लोगों के खिलाफ धारा-302 के तहत हत्या करने का केस चलेगा।
अब ग्रामीणों को यह भय सता रहा है कि अगर तेंदुआ ने उनके बच्चों तथा महिलाओं पर हमला कर दिया तो उनकी मौत निश्चित है। वहीं, वन मंडल अधिकारी स्वरूप दीक्षित का कहना है कि दोनों तेंदुओं का जल्द ही रेस्क्यू किया जाएगा। शिवपुरी तथा कूनो नेशनल पार्क से जब टीम आएगी तभी उनका रेस्क्यू हो सकेगा।