पुलिस ने डेढ़ बीघा में लगा रखी अफीम की फसल पड़ी है।
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आरोपियों ने लोगों को चकमा देने के लिए अफीम की खेती के चारों ओर सरसों की फसल उगा रखी थी और फूल के पौधे लगा रखे थे। जिससे अफीम को कोई पहचान न पाए। एक महीने बाद अफीम की तैयार फसल का बाजार मूल्य करीब 7 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार अम्बाह जनपद के अंतर्गत आने वाले महासुख का पुरा, ककरारी गांव में पूरन सिंह परमार अपने परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने अपने डेढ़ बीघा खेत में अफीम की फसल बोई थी। इस फसल को गांव वालों की नजर से बचाने के लिए चारों तरफ सरसों की फसल बोई थी। इसके बात खेत के चारों तरफ वायरिंग के सहारे कपड़े बांधकर कवर कर दिया था। खेत के बीच खड़े अफीम के पौधों में बड़े होकर फूल खिलने लगे। सरसों के बीच मे अजीब तरह के फूल देखकर गांव में इसकी चर्चा होने लगी। कोई इसे विलायती पौधे बताने लगा तो कोई कुछ और कहने लगा। यह बात पुलिस के कानों तक पहुंची तो पुलिस ने गुपचुप तरीके से अपने एक आरक्षक को भेजकर इसकी जांच कराई। पुलिस पड़ताल में यह क्लीयर हो गया कि यह अफीम की फसल है तो इसकी सूचना एसपी को दी गई।
एसपी आशुतोष बागरी के निर्देश पर पुलिस ने खेत में खड़े अफीम के पौधों को उखाड़ना शुरू किया। पुलिस की यह कार्रवाई करीब 5 घंटे तक चली। इस दौरान पुलिस ने खेत में खड़े अफीम के पौधों को उखाड़कर पुलिस वाहन में रखा और थाने पर लेकर आए। इसके बाद पुलिस ने खेत मालिक के घर दबिश देकर इसके बेटे मुकेश परमार को बंद कर दिया है। बताते हैं कि बेटे के थाने में बंद होने की खबर लगते ही कुछ देर बाद आरोपी किसान पूरन सिंह परमार भी थाने पहुंच गया। पुलिस ने बाप-बेटे दोनों को हवालात में बंद कर दिया है। साथ ही पुलिस ने अफीम के पौधों को नष्ट करने की कार्रवाई भी की है।