बाढ़ ग्रस्त गांवों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालती हुई प्रशासन की टीम
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श्योपुर में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश से पार्वती और चंबल का नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इन नदियों के किनारे बसे 28 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। हालांकि, पानी की वजह से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। जिसकी वजह से ग्रामीण पहले ही अपने घरों को छोड़ने को मजबूर है। साथ ही समय रहते सुरक्षित स्थानों का रूख कर रहे है।
जिला प्रशासन ने चलाया रेस्क्यू अभियान
पानी भरने से एक तरफ जहां ग्रामीणों की खड़ी फसल को नुकसान हो रहा है। वहीं, अपने घर में छोड़ने को मजबूर है। रिहायशी इलाकों में पानी भरने से गांवों में रहना मुश्किल हो रहा है। वहीं, जिला प्रशासन भी ग्रामीणों को निकालने के लिए अलर्ट है। पुलिस की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल रही हैं। आरोप है कि अभी बाढ़ पीड़ितों के लिए रहने और खाने के इंतजाम प्रशासन की तरफ से नहीं किए गए हैं।
चार दिनों से पार्वती नदी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है
मालवा इलाके में हुई बारिश से पार्वती नदी पिछले चार दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद चंबल नदी भी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुकी है। यहां के सुंडी, सामरसा, जेनी, बिचपूरी, दांतरदा समेत 28 गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
सांड गांव नदी के बीचों-बीच फंसा हुआ है।
घर का सामान पानी में डूबने से हुआ खराब
बाढ़ पीड़ितों के घर पूरी तरह जलमग्न हो गए है। घर का सारा सामान पानी में डूबने की वजह से खराब हो चुका है। आरोप है कि प्रशासन की तरफ से खानपान की उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।