इंदौर में पिछले दो दशकों के आंकड़े बताते हैं कि मानसून का आगमन सबसे जल्दी 11 जून 2021 और सबसे देर से 10 जुलाई 2013-14 में हुआ। 20 वर्षों में 13 बार मानसून 20 जून के बाद सक्रिय हुआ, जबकि अधिकांश वर्षों में यह जून के अंतिम सप्ताह में पहुंचा।
बारिश कब आएगी, इसे लेकर हर कोई परेशान है। इंदौर के आसमान में इन दिनों सफेद कपासी बादलों का डेरा है। कपासी बादल इस बात के संकेतक हैं कि वातावरण में नमी मौजूद है और हवाएं तेज गति से चल रही हैं। प्रदेश में आमतौर पर मानसून जून के अंतिम सप्ताह में सक्रिय होता है, जबकि कुछ अपवादस्वरूप वर्षों में ही इसकी आमद 15 जून तक दर्ज हुई है। पिछले दो दशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 20 वर्षों में 13 बार मानसून 20 जून के बाद ही इंदौर पहुंचा है।
शहर में मानसून पूर्व गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। पिछले दिनों कुछ क्षेत्रों में हुई बारिश, बढ़ी नमी और ठंडी हवाओं के चलते संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही अच्छी बारिश हो सकती है। बीते 20 वर्षों के रिकॉर्ड बताते हैं कि इंदौर में मानसून अधिकांशतः 22 जून के बाद ही सक्रिय हुआ है।
अब भी सता रही गर्मी
अब तक आधी ही बारिश
मानसून की धीमी रफ्तार बनी वजह
आषाढ़ में अच्छी बारिश के संकेत
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित चंदन गुरु के अनुसार इस वर्ष अच्छी बारिश के योग बन रहे हैं। 29 जून को ज्येष्ठ माह समाप्त होगा और 30 जून से आषाढ़ मास प्रारंभ होगा। आषाढ़ में सामान्यतः अच्छी वर्षा के योग रहते हैं।
| वर्ष | मानसून आगमन तिथि |
|---|---|
| 2006 | 29 जून |
| 2007 | 25 जून |
| 2008 | 14 जून |
| 2009 | 27 जून |
| 2010 | 17 जून |
| 2011 | 22 जून |
| 2012 | 3 जुलाई |
| 2013 | 10 जुलाई |
| 2014 | 10 जुलाई |
| 2015 | 14 जून |
| 2016 | 21 जून |
| 2017 | 26 जून |
| 2018 | 27 जून |
| 2019 | 25 जून |
| 2020 | 15 जून |
| 2021 | 11 जून |
| 2022 | 17 जून |
| 2023 | 25 जून |
| 2024 | 23 जून |
| 2025 | 17 जून |