मध्यप्रदेश के इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ (आरएसएस) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी मंडल की पांच दीवसीय बैठक गुरुवार से शुरू हो गई। इसी दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार शाम चमेली देवी पार्क कॉलोनी में शांतादेवी रामकृष्ण विजयवर्गीय न्यास का लोकार्पण किया। विजयवर्गीय परिवार द्वारा शुरू किए गए इस न्यास गरीब बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में काम करता है।
वक्त के तमाम उतार-चढ़ावों के बावजूद भारत में हिंदू समुदाय के प्राचीन जीवन मूल्य कायम रहने का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने उर्दू शायर अल्लामा इकबाल का मशहूर शेर पढ़ा- 'यूनान, मिस्र, रोमां, सब मिट गए जहां से...कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी।'
उन्होंने कहा, दुनिया के बाकी देशों के प्राचीन जीवन मूल्य मिट गए। कई देशों का तो नामो-निशान ही मिट चुका है। परंतु हमारे जीवन मूल्य अब तक नहीं बदले हैं। इसलिए इकबाल ने कहा है- यूनान, मिस्र, रोमां, सब मिट गए जहां से…. कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी।