शिवपुरी में मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास को लेकर गुना से लोकसभा चुनाव लड़ रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान में जंग छिड़ गई है। दोनों एक दूसरे को झूठा बता रहे हैं।
इस जंग में मध्य प्रदेश में रैली करने आए नरेंद्र मोदी भी कूद पड़े। मोदी ने मेडिकल कॉलेज को कागजों पर बताया।
शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी जयभानसिंह पवैया का प्रचार करते समय कहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया कह रहे हैं कि उन्होंने शिवपुरी को मेडिकल कॉलेज दे दिया, लेकिन यह मेडिकल कालेज है कहां। न जमीन मिली न बजट मिला।
ज्योतिरादित्य सिंधिया पर मुख्यमंत्री ने झूठ बोलने का आरोप लगाया था। जवाब में ज्योतिरादित्य सिंधिया स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव विश्वास मेहता का मध्य प्रदेश के प्रमुख सचिव अजय तिर्की को लिखे पत्र की प्रतिलिपि लेकर आ गए। जिसमें मध्य प्रदेश में शिवपुरी, विदिशा, खंडवा, शहडोल, दतिया, रतलाम और छिंदवाड़ा में मेडिकल कॉलेज खोलने की केंद्र सरकार की अनुमति की सूचना दी गई है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पत्र जारी करते हुए कहा कि शिवराज सिंह साबित करें कि मेडिकल कॉलेज की बात झूठी है। ‘अगर यह बात झूठी निकलती है तो मैं संन्यास ले लूंगा, नहीं तो शिवराज संन्यास लें।’
सिंधिया पर हमला बोलते हुए मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जब बजट स्वीकृत नहीं हुआ, जमीन आवंटित नहीं हुई तो मेडिकल कॉलेज कहां बन गया। लोकसभा उम्मीदवार जयभान सिंह पवैया ने कहा कि जब मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन का आवंटन नहीं हुआ तो सिंधिया कौन सी जमीन पर भूमिपूजन करके आ गए। सिंधिया का कहना है कि भाजपा झूठ फैलाने में माहिर है, इस काम में उसे दस में से 11 नंबर मिलने चाहिए।
बालाघाट में रैली करने आए नरेंद्र मोदी भी इस विवाद में उस समय कूद पड़े जब उन्होंने शिवपुरी के मेडिकल कॉलेज को कागजों में बताया। मोदी ने अपनी यात्रा में शिवराज की जमकर तारीफ की और कहा कि शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश को बीमारू राज्यों की सूची से बाहर कर दिया है। मोदी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ को निशाना बनाया।