कटनी जिले के विजयराघवगढ़ में बन रहे श्री हरिहर तीर्थ एक बार फिर चर्चाओं में आ गया, जिसे लाने वाले विधायक संजय पाठक हैं। इन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्री हरिहर तीर्थ का नहीं, बल्कि वहां विकास कार्यों में शामिल सामुदायिक आस्था भवन, पूजन-पाठ के लिए कौशल प्रशिक्षण केंद्र सहित संस्कृति विद्यालय और छात्रावास का भूमिपूजन किया है। विधायक ने कहा, बीजेपी सरकार ने भरोसा दिलाया है कि इसमें हर प्रकार का सहयोग मिलेगा।
दरअसल, विधायक संजय पाठक के इस बयान के पीछे की वजह वन विभाग की वो ढाई एकड़ जमीन बताई जा रही है, जिसे ग्राम पंचायत ने विकास कार्यों के लिए लिया था। लेकिन विधायक संजय पाठक ने उस स्थान पर विश्व की सबसे ऊंची 108 अष्ठधातु की भगवान परशुराम की प्रतिमा बनाने की घोषणा कर दी थी। मामला जैसे मीडिया के संज्ञान में आया तो बातें प्रदेश के मुखिया यानी सीएम शिवराज तक जा पहुंची, जिसके बाद श्री हरिहर तीर्थ के भूमिपूजन में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री ने विवादों से बचाने के लिए श्री हरिहर तीर्थ की जगह विकास कार्यों का भूमिपूजन कर दिया।
हालांकि, उन्होंने विधायक संजय पाठक को आश्वासन भी दिलाया है कि उनके द्वारा बनाए जा रहे धार्मिक नगरी उर्फ श्री हरिहर तीर्थ पर प्रदेश की बीजेपी सरकार पूरा सहयोग करेगी। हाल-फिलहाल में मध्यप्रदेश शासन की ओर से 10 करोड़ की राशि और 12 एकड़ जमीन दी गई है। लेकिन ये जमीन धार्मिक धाम के लिए या विकास कार्यों के जारी हुई, इसका अब तक पता नहीं चल सका है। आपको बता दें कि श्री हरिहर तीर्थ का भूमिपूजन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा सहित स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज और जगतगुरु रामभद्राचार्य जी के सानिध्य में संपन्न हुआ था।