मध्य प्रदेश कांग्रेस के सॉफ्ट हिंदुत्व पर महाभारत छिड़ गई है। कांग्रेस के ही विधायक आरिफ मसूद ने पार्टी की ओर से रामनवमी और हनुमान जयंती को भव्यता के साथ मनाने के लिए जारी हुए पत्र पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि रमजान से परहेज क्यों किया जा रहा है?
दरअसल, प्रदेश कांग्रेस ने सभी जिलों के पदाधिकारियों को रामनवमी और हनुमान जयंती भव्य तरीके से मनाने का पत्र भेजा है। 10 अप्रैल को रामनवमी है और इस दिन कार्यकर्ताओं को राम कथा, रामलीला एवं भगवान राम की पूजा-अर्चना के कार्यक्रम करने को कहा गया है। 16 अप्रैल को हनुमान जयंती पर हनुमान चालीसा और सुंदर कांड का पाठ करने के लिए कहा गया है। इसके लिए जिला अध्यक्षों, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों, विधायकों, पूर्व विधायकों और लोकसभा प्रत्याशियों और मोर्चा-संगठन के पदाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
इस पत्र पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि कांग्रेस का हिंदू वर्ग हमेशा से रामनवमी और हनुमान जयंती अच्छे से मनाता है। इसे मनाने के लिए पत्र जारी करना राजनीतिक दल के लिए ठीक नहीं है। यदि ऐसा परिपत्र रामनवमी और हनुमान जयंती के लिए जारी हो सकता है तो रमजान क्यों छोड़ दिया? इस पर मेरा ऐतराज है। मसूद ने कहा कि इस तरह के पत्र जारी करने वाले को उसका उद्देश्य बताना चाहिए। मेरी नजर में यह गलत है। नवरात्र चल रहे हैं तब मेरे साथी ने व्रत रखा है। मैं भी रमजान में रोजा रख रहा हूं। ऐसा हमेशा से रखते आ रहे हैं। इसमें पत्र जारी करने की जरूरत क्या है? इस तरह के पत्र जारी कर कांग्रेस अन्य पार्टियों को मौका दे रही है। कांग्रेस एक विचारधारा वाली पार्टी है, जो सभी को साथ लेकर चलती है।
इफ्तारी के दिनों में कांग्रेस नेता मंदिर जा रहे हैं: मिश्रा
इस मामले पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस का मुस्लिमों से वास्ता सिर्फ वोट बैंक तक सीमित है। कांग्रेस के एकलौते विधायक आरिफ मसूद को आत्मचिंतन करना चाहिए। इफ्तारी करने वाले दिनों में कांग्रेस के नेता मंदिर जा रहे है, तो यह अच्छे दिन हैं।