मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक साल का समय बचा है। विधानसभा चुनाव 2018 में आदिवासी वोटरों के बीजेपी को सत्ता से बाहर कर दिया था। इसके बाद बीजेपी ने पिछले डेढ़ साल में आदिवासियों को साधने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। आदिवासियों के लिए आयोजित प्रदेश के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह शामिल हुए। प्रदेश सरकार ने कई योजनाओं की घोषणा की। अब प्रदेश की सीमा से लगे बांसवाड़ा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 नवंबर को फिर आदिवासियों के बड़े सम्मेलन को संबोधित करने जा रहे हैं।
बीजेपी के हाथ से निकल गई थी सत्ता
मध्य प्रदेश में आदिवासी के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 47 है। जबकि 84 सीटों पर आदिवासी वोटर्स का प्रभाव है। प्रदेश में आदिवासियों की आाबादी दो करोड़ के करीब है। यहीं वजह है कि बीजेपी और कांग्रेस देानों ही दल आदिवासी वोटर्स को साध कर रखना चाहते हैं। 2018 के चुनाव में कांग्रेस को 47 सीटों में से 30 पर जीत मिली थी। जबकि 2013 में 31 सीटें जीतने वाली बीजेपी 16 पर सीमट गई।