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MP News: सीहोर में पटवारी का नदी में मिला शव, तहसीलदार अभी भी लापता, बारिश मचा रही तबाही

Wed, 17 Aug 2022 11:20 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

तहसीलदार और पटवारी के लापता होने के बाद हड़कंप मच गया है। उनकी तलाश में सीवन नदी के करबला पुल और काहिरी के पास पुलिस का सर्च अभियान जारी है।
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इसी कार में तहसीलदार और पटवारी सवार थे - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सीहोर में तहसीलदार और पटवारी के लापता होने के बाद हड़कंप मच गया है। उनकी तलाश में सीवन नदी के करबला पुल और काहिरी के पास पुलिस का सर्च अभियान जारी है। मंगलवार रात भारी बारिश के बाद नदी और नाले उफान पर थे। पुलिस उनके पानी में बहने की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। परिजनें की तहरीर पर पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है। 
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जानकरी के अनुसार, शाजापुर जिले के मोहनपुर बढ़ोदिया में पदस्थ तहसीलदार नरेंद्र सिंह ठाकुर व नसरुल्लागंज तहसील में पदस्थ पटवारी महेंद्र रजक के गायब होने की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को मिली थी। बताया गया है कि ये दोनों सोमवार रात अपने दो दोस्त राहुल आर्य और महेंद्र शर्मा के साथ बाहर खाना खाने के लिए घर से निकले थे। जानकारी मिली है कि दोनों एक ही कार से निकले थे। रफीकगंज स्थित तरुण सिंह के फॉर्म हाउस पर उनकी पार्टी में शामिल होने के बाद ये मंगलवार की सुबह तक वापस घर नहीं पहुंचे।

शुरू किया अभियान
दोनों की परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने दोनों की मोबाइल लोकेशन निकाली है। उनकी लोकेशन सीहोर के इंदौर नाका के पास मिली। करीब रात 11 बजे से वहां से गुजरे थे। उनकी कॉल डिटेल निकालने के साथ-साथ पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। 
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पटवारी का शव मिला
जानकारी मिली है कि पटवारी महेन्द्र रजक का शव मिला। उनकी आई-20 कार भी मिली। मप्र तहसीलदार संघ के अध्यक्ष (शाजापुर में पदस्थ तहसीलदार) नरेंद्र सिंह की तलाश जारी। दोनों रात में कार से वापस लौट रहे थे।

सीहोर में ग्रामीणों को निकाला जा रहा सुरक्षित
सीहोर में बारिश की वजह से हालात खराब है। यहां के सोमालवाड़ा के निवासियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहे हैं। शाहगंज में राहत शिविर बनाया गया है जिसमें पेयजल, भोजन, दवाएं आदि तथा ठहरने की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं गई हैं। अभी गांव में पानी नहीं आया है लेकिन तवा और बरगी डैम के गेट खोले जाने के कारण नर्मदा का जलस्तर बढ़ने से सोमालवाड़ा में पानी आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से ग्राम वासियों को पहले ही गांव से निकाल कर सुरक्षित राहत शिविर शाहगंज में शिफ्ट किया जा रहा है। अभी तक करीब 125 से ज्यादा लोगों को शिफ्ट किया जा चुका है। 
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