मध्यप्रदेश के अलीराजपुर में एक मासूम से बलात्कार की ऐसी कहानी सामने आई है जिसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हो जाए। हवस का शिकार बनी मासूम को लेकर जब उसकी मां अस्पताल पहुंची तो पता चला कि वह गर्भवती है।
कुछ दिन पहले उसने अस्पताल में एक बच्चे को जन्म तो दिया लेकिन अब उसके परिवार वाले लोकलाज के डर से नवजात को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार बच्ची को पेट में दर्द की शिकायत होने पर बीते 14 अक्टूबर को उसकी मां उसे जोबाट कस्बे के अस्पताल लेकर आई थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसके गर्भवती होने की पुष्टि की। घरवालों ने उससे पूछताछ की तो उसकी खामोशी टूटी और बताया कि एक युवक ने उसके साथ बलात्कार किया है।
मासूम से चचेरे भाई ने ही किया बलात्कार
जोबाट पुलिस थाने के इंचार्ज अमर लाल शर्मा ने बताया कि, 'उस समय डरी सहमी मासूम ने बताया कि जिसने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया उसकी तीन महीने पहले ट्रैक्टर दुर्घटना में मौत हो चुकी है।'
हालांकि बाद में जब मामले की जांच हुई तो जो हकीकत सामने आई उसे सुनकर हर किसी के पैरों तले से धरती खिसक गई। बच्ची से बलात्कार करने वाला और कोई नहीं उसका 26 वर्षीय चचेरा भाई मालू भिलाले था।
वहीं उसका इलाज करने वाले डॉक्टर प्रकाश ढोके ने बताया कि बच्ची को दो दिन पहले उसकी मां पेट दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल लेकर आई थी। जब जांच के बाद हमने बताया कि वह गर्भवती है तब वह आश्चर्यचकित रह गई।
जब उसे अस्पताल लाया गया तो मां बेटी के अलावा उनके साथ कोई भी पुरुष परिजन नहीं था। जब हमने उसके गर्भवती होने का कारण पूछा तो उसने पूरी कहानी बताई।
नवजात को स्वीकार करने को तैयार नहीं मां-बेटी
मासूम के अनुसार उसके साथ एक युवक ने बलात्कार किया, जब उसने उसे बताया कि वह गर्भवती हो सकती है तो आरोपी ने उसे मुंह खोलने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। आरोपी ने उससे वादा किया कि अगर वो किसी से इस वाकये के बारे में नहीं बताएगी तो वह उससे शादी कर लेगा।
वहीं बच्चे के जन्म के बाद उसकी मां ने उसे स्वीकार करने से ही इंकार किया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं अब नवाज बच्चे का मामला अटका हुआ है।
मामले में जब अलीराजपुर के डीएम शेखर वर्मा से बात की गई तो उन्होंने किसी रेप केस की जानकारी से इंकार कर दिया। हालांकि यह जरूर कहा कि अगर ऐसा कोई मामला हुआ है तो इस संबंध में कोर्ट जो निर्णय देगी उस पर अमल किया जाएगा।