प्रदेश के कृषि मंत्री ने शनिवार को इंदौर में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की तुलना नाग और सपेरे से की थी। कांग्रेस ने कृषि मंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए उनकी तुलना बंदर से की है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कृषि मंत्री को बंदर कहते हुए प्रदेश के किसानों की पीड़ा की याद दिलाई।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कमल पटेल बड़बोले हैं, उनकी भाषा अमर्यादित है। वे अपने कद से बड़े नेताओं पर टिप्पणी करने से नहीं चूकते। हम उनकी तरह अमर्यादित भाषा में राजनीतिक टिप्पणी तो नहीं कर सकते, लेकिन यदि वे कांग्रेस के नेताओं पर ऐसी भाषा बोलेंगे तो हम भी उनकी भाषा में जवाब देंगे। हम उनकी तुलना बंदर से करते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने उनकी तुलना बंदर से करते हुए कहा कि जब एक शेर को हटाकर जंगल की जवाबदारी बंदर को सौंपी जाती है, तो वो जंगल की समस्या निपटाने के बजाए पेड़ों पर उछलकूद करता है और कहता है कि परिणाम भले आए हों या नहीं, मैंने कोशिश तो पूरी की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि आज प्रदेश का किसान ओलावृष्टि, मुआवजे न मिलने से परेशान है, खाद के संकट से जूझ रहा है, लेकिन कृषि मंत्री इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। इसलिए वह कमलनाथ और दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं पर टिप्पणी नहीं करें, मदारी कभी भी नियंत्रण में ले लेगा, जैसा 2018 में लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की जनता दुर्गेश जाट हत्याकांड और अवैध उत्खनन के मामले नहीं भूली है। पुलिस ने किस तरह कृषि मंत्री के परिजनों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की थी, वो भी नहीं भूली है।
बता दें प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने शनिवार को इंदौर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को सपेरा और कमलनाथ को नाग कहा था। उन्होंने बयान दिया था कि कमलनाथ सपेरे के कहने में आ गए और निपट गए। दिग्विजय सिंह ने संघ को दीमक कहा था मैंने कहा कि संघ दीमक नहीं है कमलनाथ और दिग्विजय सिंह दीमक हैं जो कांग्रेस को खा गए और कांग्रेस दीमक है जो देश को खा गई। वहीं, कृषि मंत्री ने कहा था कि कांग्रेस के नेताओं ने नकली गांधी बनकर देश में राज किया लेकिन अटलजी और मोदीजी ने गांधीजी के सपने को साकार किया है।