सैकड़ों छात्राओं और टीचरों की मौजूदगी में स्कूल में 'अश्लील' भाषण देने वाले मंत्री जी ने मंगलवार को अपने विवादास्पद बोलों के लिये माफी मांग ली। मामला, मध्यप्रदेश के झाबुआ का है।
यहां आदिम जाति और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री विजय शाह ने रविवार को झाबुआ में एक कार्यक्रम में सैकड़ों छात्राओं और टीचरों की मौजूदगी में अश्लील भाषण दे डाला था।
ये कहा था मंत्री जी ने
इस कार्यक्रम में पहुंचे शाह ने पहले सरकार की आदिवासी तबके के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र किया और फिर उन्होंने मंच पर मौजूद एक नाम की दो महिला नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी।
उन्होंने कहा, लगता है कि झाबुआ में एक के साथ एक फ्री मिलता है। शाह यहीं नहीं रुके, उन्होंने शिविर में बैठी लड़कियों की ओर इशारा करते हुए यहां तक कह डाला, 'पहला-पहला जो मामला होता है, वह आदमी भूलता नहीं। भूलता है क्या?.. बच्चे समझ गए होंगे।'
बच्चों के ठहाकों पर उनकी प्रतिक्रिया थी कि बच्चे भी बड़े समझदार हैं। बहरहाल, इस बात के फौरन बाद मंत्री ने शरारती लहजे में कहा कि 'पहले-पहले मामले' से उनका मतलब पहली बार मंत्री पद पर पहुंचने से था।
वहीं शाह ने अपने दिए विवादास्पद बोल की माफी मांगते हुए यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘अगर मेरे भाषण से किसी को थोड़ा..सा भी दु:ख हुआ हो, तो मैं इसके लिये 10 बार माफी मांगता हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात से दु:खी हूं कि हास-परिहास के मूड में दिये गये मेरे भाषण को गलत तरह से लिया गया।’ मंत्री जी ने दावा किया कि उनके भाषण को मीडिया के एक हिस्से में ‘तोड़-मरोड़कर’ पेश किया गया।
वहीं, महिला कांग्रेस की प्रदेश इकाई की अध्यक्ष अर्चना जायसवाल ने कहा, ‘‘महिलाओं के बीच अनर्गल बातें करने वाले मंत्री को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।’’