फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Damoh: धर्मांतरण मामले में गैर ईसाई कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन, एक आरोपी की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित

Tue, 29 Nov 2022 03:37 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

मध्यप्रदेश में दमोह जिले के धर्मांतरण मामले में गैर ईसाई कर्मचारियों ने केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। वहीं, हाईकोर्ट ने एक आरोपी की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है।
विज्ञापन
ईसाई कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन - फोटो : case of conversion in Damoh
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दमोह जिले के धर्मांतरण मामले में मंगलवार को मिशनरी के संस्थान में कार्य कर रहे गैर ईसाई लोगों ने धर्मांतरण मामले में आरोपी बनाए लोगों के पक्ष में एक ज्ञापन दमोह एसपी के अलावा भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल को सौंपा। इसमें उन्होंने देहात थाने में दर्ज 10 लोगों के ऊपर हुई एफआईआर के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।

विज्ञापन


वहीं, दूसरी ओर जबलपुर हाईकोर्ट में धर्मांतरण मामले के आरोपी अजय लाल की अग्रिम जमानत पर सुनवाई पूरी हो गई है। न्यायाधीश ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। गैर ईसाई लोगों ने बताया, पिछले दिनों एमआईसीएस, नव जागृति स्कूल और आधार शिला संस्थान के 10 सदस्यों पर देहात थाने में धर्मांतरण सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, जो तथ्यहीन है। शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए ये लोग जटाशंकर स्थित केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के आवास पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर उन्होंने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्षता से जांच की जाए।

विज्ञापन

धर्मांतरण मामले में गैर ईसाई कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
जमानत पर फैसला सुरक्षित...
दमोह में मिशनरी के बाल गृहों में धर्मांतरण कराने के मामले में आरोपी बनाए गए डॉ. अजय लाल की अग्रिम जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा है। मामले पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अजय लाल को जमानत देने का विरोध किया गया। सरकार की ओर से कहा गया कि मामला बेहद संवेदनशील है। यदि इसमें आरोपी को जमानत दी जाती है तो वो साक्ष्यों और गवाहों को प्रभावित कर सकता है। अजय लाल की ओर से दलील दी गई कि वो निर्दोष है और उसे बेवजह मामले में फंसाया गया है।

बता दें कि 13 नवंबर को राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने दमोह में मिशनरी द्वारा संचालित बाल गृहों का दौरा किया था। निरीक्षण के बाद उन्होंने आधार शिला संस्थान के संचालक और मिड इंडिया क्रिश्चियन सर्विसेस के सदस्य डॉ. अजय लाल सहित 10 लोगों के खिलाफ देहात थाना में धर्मांतरण की एफआईआर दर्ज करवाई थी।

इस मामले में अजय लाल सहित सभी आरोपी फरार हैं। इससे पहले दमोह के सत्र न्यायालय ने 17 नवंबर को डाक्टर लाल को अग्रिम जमानत का लाभ देने से मना कर दिया था। शासकीय अधिवक्ता राजीव बद्री सिंह ने बताया, आरोपी को जमानत देने से केस कमजोर होने की संभावना थी। इसलिए आपत्ति प्रस्तुत की गई थी, जिस पर न्यायालय ने जमानत नामंजूर कर दी थी, इसके बाद मामला हाईकोर्ट गया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें