अब जानते हैं कि कल दोपहर से शाम तक क्या-क्या हुआ?
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 9 जून को राज्यसभा चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की गई। दोपहर 2 बजे विधानसभा स्थित रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के कक्ष में प्रक्रिया शुरू हुई।
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बीजेपी उम्मीदवारों की जांच: सबसे पहले बीजेपी के तीनों प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की जांच की गई। सभी दस्तावेज सही पाए गए और किसी भी पक्ष की ओर से कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई।
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मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति: कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन की जांच शुरू होते ही बीजेपी ने लिखित आपत्ति प्रस्तुत की। आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपने शपथपत्र (एफिडेविट) में तेलंगाना से जुड़े एक आपराधिक मामले की जानकारी पूरी तरह नहीं दी।
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विधानसभा में बढ़ी हलचल: उस समय मीनाक्षी नटराजन के साथ कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया मौजूद थे। आपत्ति सामने आने के बाद उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क किया, जिसके बाद कई कांग्रेस नेता विधानसभा पहुंच गए।
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दो चरणों में हुई बहस: दोनों पक्षों के बीच करीब आधे घंटे तक बहस चली। शुरुआत में रिटर्निंग ऑफिसर ने फैसला अगले दिन सुनाने की बात कही, लेकिन बीजेपी नेताओं ने उसी दिन निर्णय देने की मांग की।
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शाम को आया फैसला: शाम 5:30 बजे दोनों पक्षों को दोबारा बुलाया गया और लगभग आधे घंटे तक फिर से दलीलें रखी गईं। सभी पक्षों को सुनने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने शाम 6:30 बजे मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया।
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कांग्रेस ने क्या किया?
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को दिल्ली में निर्वाचन आयोग से मुलाकात की। कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा...
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल थे?
प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, विवेक तन्खा शामिल थे। एमपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि चुनाव आयोग ने प्रतिनिधिमंडल को 2 घंटे के भीतर फैसला लेने का आश्वासन दिया है। हालांकि, 4 घंटे बीत चुके हैं। आयोग ने कोई फैसला नहीं लिया है।