सरदार सरोवर बांध के डूब क्षेत्र के प्रभावितों के लिये उचित पुनर्वास की मांग को लेकर मध्यप्रदेश के धार जिले के चिखल्दा गांव में अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठी नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर को पुलिस ने जबरन वहां से हटा दिया है। उपवास के चलते उनकी तबीयत बिगड़ गई है और इसी वजह से पुलिस ने उन्हें नजदीक के अस्पताल में दाखिल करवा दिया है।
MP: Social activist Medha Patkar forcibly removed from protest site & taken to a hospital in Indore yesterday after her health worsened pic.twitter.com/6bmWsUynIk
— ANI (@ANI_news) August 8, 2017
बता दें कि उनके अनशन का आज 12वां दिन हैं। इंदौर संभाग के आयुक्त संजय दुबे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मेधा एवं अन्य आंदोलनकारियों को प्रशासन ने धरना स्थल से उठा दिया है, क्योंकि उनका स्वास्थ्य खराब हो रहा था।’’ हालांकि, अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि इन लोगों को धरना स्थल से उठा कर कहां ले जाया गया है।
सरदार सरोवर बांध के डूब क्षेत्र के प्रभावितों के लिए उचित पुनर्वास की मांग को लेकर मेधा अपने 11अन्य साथियों के साथ मध्यप्रदेश के धार जिले के चिखल्दा गांव में 27 जुलाई से अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठी थीं और आज उनके अनशन का 12वां दिन था।