प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 67वें जन्मदिन पर देश के सबसे ऊंचे बांध सरदार सरोवर का गुजरात में उद्घाटन किया। वहीं दूसरी ओर बांध के विरोध में बैठीं सोशल एक्टीविस्ट मेधा पाटकर और उनके साथी मध्यप्रदेश में विरोध कर रहे हैं। जल सत्याग्रह के नाम से चल रहे इस आंदोलन से जुड़े लोग मध्यप्रदेश के बरवानी में पानी में कई दिनों से उतरे हुए हैं और लगातार विरोध कर रहे हैं।
Activist Medha Patkar leads Jal Satyagraha in Barwani(Madhya Pradesh) #SardarSarovarDam pic.twitter.com/Ig72weCtTE
— ANI (@ANI) September 17, 2017
बता दें कि सरदार सरोवर बांध के डूब क्षेत्र के प्रभावितों के लिए उचित पुनर्वास की मांग को लेकर मेधा पाटकर विरोध कर रही हैं।
क्या है सरदार सोरवर बांध
बता दें कि सरदार सरोवर बांध दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बांध है। यह नर्मदा नदी पर बना 800 मीटर ऊंचा है। नर्मदा नदी पर बनने वाले 30 बांधों में सरदार सरोवर और महेश्वर दो सबसे बड़ी बांध परियोजनाएं हैं और इन दोनों ही परियोजनाओं का लगातार विरोध होता रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य गुजरात के सूखाग्रस्त इलाको में पानी पहुंचाना और मध्य प्रदेश के लिए बिजली पैदा करना है।