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शहीद सुधाकर सिंह के गांव में हर आंख हुई नम

Wed, 09 Jan 2013 09:07 PM IST
भोपाल/ब्यूरो
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लांस नायक सुधाकर सिंह के पैतृक गांव में हर आंख नम है। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के चुरहट के पास डढ़िया गांव में शायद ही कोई ऐसा घर हो, जो शहीद के परिवार के दुख में शरीक न हो।
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सुधाकर सिंह के परिवार पर तो जैसे दुखों का पहाड़ ही टूट गया है। उनकी पत्नी दुर्गा सिंह का रो रोकर बुरा हाल है। उनके चार माह के बेटे को तो यह भी नहीं मालूम की उसके सिर से बाप का साया उठ चुका है।

इस शहीद के पिता सच्चिदानंद सिंह को अपने बेटे की शहादत पर नाज तो है, लेकिन पाकिस्तान की बर्बरता से बेहद आहत हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान ने सीज फायर का उल्लंघन तो किया ही, साथ ही युद्ध की सारी मर्यादाओं को भी लांघ दिया।
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सच्चिदानंद सिंह ने बीती बातें याद करते हुए कहा कि उनका बेटा अक्सर कहा करता था कि मौत तो एक दिन सभी की होनी है, लेकिन वह देश के लिए जान देना चाहते हैं। महज 30 साल की उम्र में शहीद हुए सुधाकर की शहादत से पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया है।

जम्मू कश्मीर के पुंछ में शहीद हुए दो भारतीय जवानों में से एक सुधाकर सिंह का शव बुधवार देर शाम विशेष विमान से आगरा से जबलपुर लाया गया। यहां से उनका शव अंतिम क्रिया के लिए सड़क मार्ग से सीधे जिले के पैतृक गांव डढ़िया ले जाया गया।

बृहस्पतिवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी इस दौरान मौजूद रहेंगे। सुधाकर 2002 में ही सेना की राजपूताना राइफल्स में भर्ती हुए थे।
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चुरहट से विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि एक बहादुर भारतीय सैनिक को बर्बरता के कारण जान गंवानी पड़ी।
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