मंदसौर में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की टीम ने राजस्थान से गुजरती एम्बुलेंस को रोककर 1.609 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया। आरोपी तीनों की उम्र 20 वर्ष बताई गई है।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्यप्रदेश टीम ने राजस्थान से गुजरती एक एम्बुलेंस को रोककर उसमें से 1.609 किलोग्राम मेफेड्रोन मादक पदार्थ बरामद किया। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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सीबीएन अधिकारियों को रविवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि अहमदाबाद से गुजरने वाली एक एम्बुलेंस में मादक पदार्थ की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर मंदसौर के एमआईटी चौराहा और आसपास क्षेत्र में तीन टीमों को तैनात किया गया।
रात करीब 10 बजे एम्बुलेंस को देखा गया और नीमच-मंदसौर बाईपास रोड स्थित पेट्रोल पंप पर रोककर पूछताछ की गई। आरोपियों ने एक मरीज को एम्बुलेंस में लेटा कर दाखिल किया था ताकि पुलिस की जांच से बच सकें। हालांकि, दस्तावेज़ों की जांच और सख्त पूछताछ के दौरान आरोपियों ने मादक पदार्थ की तस्करी की बात स्वीकार की।
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सीबीएन ने एम्बुलेंस की तलाशी ली तो एक झोले से 1.609 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद हुआ। आरोपी आरोपियों ने बताया कि यह मादक पदार्थ मंदसौर से गुजरात ले जाया जा रहा था। सीबीएन ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, 1985 की धारा 42, 8/22(C) और 60(3) के तहत मामला दर्ज किया और एम्बुलेंस को कब्जे में ले लिया।
मेफेड्रोन (4-मिथाइलमेथकैथिनोन या 4-MMC) कैथिनोन वर्ग का सिंथेटिक ड्रग है, जिसे आमतौर पर म्याऊ म्याऊ या एमसीएटी के नाम से जाना जाता है। इसका दुरुपयोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, जिनमें लत, व्यामोह, मतिभ्रम और हृदय संबंधी जटिलताएँ शामिल हैं।