ग्रामीणों को समझाने पहुंची पुलिस
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केंद्रीय नारकोटिक्स की टीम अवैध मादक पदार्थ की सूचना पर दबिश देने मंदसौर पहुंची थी। यहां ग्रामीणों ने उन्हें एक बाड़े में चार घंटे तक घेरकर रोके रखा। काफी देर चले हंगामे के बाद नारायणगढ़ थाना टीआई टीम के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश दी, जिसके बाद नारकोटिक्स की टीम लौट गई।
मामला मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील के नारायणगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खेजड़ी का है। जानकारी अनुसार केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम गुरुवार सुबह 6 बजे अवैध मादक पदार्थ की सूचना पर चार गाड़ियां लेकर ग्राम खेजड़ी निवासी पदमसिंह पिता शीतल सिंह चौहान के यहां दबिश देने पहुंची। टीम ने दीवार फांदकर पदमसिंह के बाड़े में प्रवेश किया। टीम की दबिश की सूचना जब ग्रामीणों को लगी तो वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए और नारकोटिक्स की कार्रवाई का विरोध करते हुए टीम को पदमसिंह के बाड़े में घेर लिया।
सूचना पर दबिश देने पहुंची थी टीम
नारकोटिक्स अधिकारी आदित्य रंजन का कहना था कि हमें सूचना मिली थी कि यहां अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा और अफीम रखी है, इस पर ग्रामीण अक्रोशित हो गए और सूचना देने वाले का नाम सार्वजनिक करने की मांग पर अड़ गए। काफी देर चले हंगामे के बाद बूढ़ा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणा, नारायणगढ़ थाना टीआई जितेंद्र सिंह सिसोदिया, झारड़ा चौकी प्रभारी मनोज गर्ग सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से चर्चा की। काफी देर चली चर्चा के बाद भी ग्रामीण नहीं माने और नारकोटिक्स टीम पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़ गए। बाद में टीआई जितेंद्र सिंह सिसोदिया की समझाइश पर मामला शांत हुआ और नारकोटिक्स की टीम बिना कार्रवाई किए मौके से रवाना हुई। बताया यह भी जा रहा है कि जब टीम ने दीवार फांदकर पदमसिंह के बाड़े में प्रवेश किया इस दौरान एक आरक्षक का हाथ भी फ्रेक्चर हो गया।
ग्रामीणों ने की वित्तमंत्री से शिकायत
बगैर सूचना के केंद्रीय नारकोटिक्स टीम द्वारा ग्राम खेजड़ी निवासी पदमसिंह के निवास पर दबिश देने के विरोध में ग्रामीणों ने टीम का घेराव करते हुए मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा को शिकायत की। शिकायत पर वित्तमंत्री ने मामले को लेकर अधिकारियों से चर्चा कर ग्रामीणों को समझाइश दी तब जाकर ग्रामीण शांत हुए। इस पूरी कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने टीम पर अवैध वसूली के आरोप भी लगाए।