मंडला जिले में ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट के नाम से करोड़ों की ठगी करने वाले तीन सदस्यीय गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने देश भर में सात करोड़ रुपये की ठगी की है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी गुजरात के निवासी हैं। गिरोह के सदस्य फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से खाता खुलवाकर लोगों से ठगी करते थे।
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेजा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंकुश झारिया निवासी ग्राम अंजनियां ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन ट्रेडिंग के माध्यम से अच्छा मुनाफा कमाने का मैसेज आया था। फर्स्ट बैंक लिमिटेड ओरिहान इंटरप्राइजेज के नाम से रजिस्टर्ड कंपनी को 20 हजार रुपये बैंकिंग के माध्यम से खाता खोलने दिए थे। खाता खोलने के बाद अधिक इन्वेस्ट करने पर लाभ अधिक मिलने का प्रलोभन दिया गया। प्रलोभन में आकर उसके पिता के रिटायरमेंट के 17 लाख रुपये खाते में जमा करवा दिए। ट्रेडिंग एप के माध्यम से उसने आईपीओ खरीदा तो अकाउंट में 72 लाख रुपये माइनस में दिखाई देने लगे। संपर्क करने पर उससे बोला गया कि राशि जमा करने पर अकाउंट का संचालन हो पाएगा, जिसके बाद उसे ठगे जाने का एहसास हुआ।
पुलिस को साइबर सेल की मदद से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले थे, जिसके बाद टीम ने गुजरात पहुंचकर विशाल झाला पिता शंकर झाला उम्र 27 वर्ष निवासी महादेव मंदिर नगर चौक वेडा थाना कलोल जिला गांधीनगर गुजरात, लक्ष्मण पिता आत्मराम ठाकौर उम्र 47 वर्ष निवासी दानज थाना कलोल जिला गांधीनगर गुजरात, नीरव पोपट पिता मनीलाल उम्र 43 वर्ष निवासी देवी सर्कल के पास एसजी हाइवे अहमदाबाद गुजरात को गिरफ्तार किया गया। गिरोह के अन्य साथी फरार हो गए, जिनकी सरगर्मी से तलाश जारी है और अन्य आरोपीगण फरार हैं।
उन्होंने बताया कि व्हाट्सअप और टेलीग्राम ग्रुप में माध्यम से लोगों को जोड़कर ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट के नाम से ठगी करते हैं। उनके खिलाफ देश के 16 राज्यों में ठगी की 48 शिकायतों दर्ज हैं। उनके द्वारा छह करोड़ 96 लाख रुपये (लगभग सात करोड़) से भी अधिक की ठगी की गई है।