सार
मंडला जिले के टिकरिया थाना क्षेत्र में जंगल के बीच चलती तूफान वाहन में अचानक आग लग गई। चालक ने सूझबूझ से अपनी जान बचाई, लेकिन वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है।
मंडला जिले के टिकरिया थाना क्षेत्र में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब जंगल के बीच चलते तूफान वाहन में अचानक आग लग गई। साल्हेपानी और हर्राटीकुर के बीच हुए इस हादसे में वाहन पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया, लेकिन चालक की सूझबूझ से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। घटना बबलिया से करीब दस किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र में हुई, जहां मदद पहुंचने में भी समय लगा।
जानकारी के अनुसार, वाहन तुलसीराम पंद्राम का था, जिसे ब्रजलाल पंद्राम चला रहा था। चालक अपने गृह ग्राम साल्हेपानी लौट रहा था। बताया गया कि वह इससे पहले महाराष्ट्र भ्रमण पर गई स्व-सहायता समूह की महिलाओं को बीजाड़ांडी में सुरक्षित छोड़कर अकेले घर वापस आ रहा था। इसी दौरान बीजेगांव हर्राटीकुर से साल्हेपानी के बीच जंगल में वाहन के इंजन हिस्से से अचानक धुआं उठने लगा और कुछ ही पलों में आग भड़क गई।
आग लगते ही चालक ने वाहन रोककर तुरंत बाहर कूदकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। जंगल क्षेत्र होने के कारण आग पर काबू पाने का कोई साधन मौके पर नहीं था, जिससे वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। गाड़ी में रखा सारा सामान भी आग की भेंट चढ़ गया, जिससे वाहन मालिक को भारी नुकसान हुआ है।
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घटना की सूचना मिलते ही जनपद अध्यक्ष आशाराम भारतीया और जनपद सदस्य सुंदर लाल उर्रेती तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हालात का जायजा लिया और संबंधित पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। जनपद अध्यक्ष ने घटना की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई और जांच के निर्देश देने का आग्रह किया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की और वाहन में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण माना जा रहा है। हालांकि विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल के रास्तों पर वाहनों की आवाजाही के दौरान इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं। प्रशासन से मांग की जा रही है कि ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा और आपात सहायता के इंतजाम मजबूत किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।