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कान्हा टाइगर रिजर्व में बढ़ा खतरा: दो महीने में 8 बाघों की मौत, अब एक और बाघ निकला CDV पॉजिटिव

Sun, 07 Jun 2026 04:28 PM IST
मंडला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडला

सार

मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व में एक और बाघ कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) से संक्रमित पाया गया है। असामान्य व्यवहार के बाद उसे रेस्क्यू कर क्वारेंटाइन सेंटर में भर्ती कराया गया। पिछले दो महीनों में रिजर्व में 8 बाघों की मौत हो चुकी है।

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संक्रमित बाघ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कान्हा टाइगर रिजर्व में एक बार फिर कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) का मामला सामने आने से वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। किसली रेंज के संदुकखोल क्षेत्र में एक बाघ के असामान्य व्यवहार की सूचना मिलने पर पार्क प्रबंधन ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर उसे मुक्की रेंज स्थित क्वारेंटाइन सेंटर में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार और लगातार निगरानी की जा रही है।

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जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले पर्यटन क्षेत्र में आए पर्यटकों ने बाघ की असामान्य गतिविधियों को देखा और इसकी सूचना पार्क प्रबंधन को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और बाघ की लगातार मॉनिटरिंग शुरू की गई। विशेषज्ञों की सलाह के बाद गुरुवार शाम उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर क्वारेंटाइन सेंटर पहुंचाया गया। अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में बाघ में न्यूरोलॉजिकल समस्या के संकेत मिले थे, लेकिन विस्तृत परीक्षण में वह सीडीवी पॉजिटिव पाया गया। फिलहाल उसे अन्य वन्यजीवों से अलग रखकर विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

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दो महीनों में 8 बाघों की मौत से बढ़ी चिंता
कान्हा टाइगर रिजर्व में पिछले दो महीनों के दौरान 8 बाघों की मौत हो चुकी है। इनमें सीडीवी संक्रमण से मृत अमही बाघिन, उसके चार शावक और महावीर नर बाघ भी शामिल हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों ने पार्क प्रबंधन को हाई अलर्ट पर ला दिया है।
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हर संदिग्ध मामले पर त्वरित कार्रवाई
कान्हा के उपसंचालक (कोर) पी.के. वर्मा ने बताया कि सीडीवी के खतरे को देखते हुए किसी भी बीमार या असामान्य व्यवहार करने वाले बाघ की सूचना मिलते ही तत्काल रेस्क्यू और मेडिकल जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में दो संक्रमित बाघों का सफल उपचार कर उन्हें दोबारा जंगल में छोड़ा जा चुका है। फिलहाल विशेषज्ञों की टीम संक्रमित बाघ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। स्वास्थ्य में सुधार और रिपोर्ट संतोषजनक आने के बाद उसे पुनः प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।

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