माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय
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भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर बृजकिशोर कुठियाला सहित 20 प्रोफेसर्स के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के लिए दर्ज एफआईआर को रद्द करने और मामले में दखल देने के लिए 300 से अधिक शिक्षाविदों ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को पत्र लिखा है।
गौरतलब है कि 14 अप्रैल को माखनलाल विवि के पूर्व कुलपति प्रोफेसर बृजकिशोर कुठियाला सहित 20 प्रोफेसर्स के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की एफआईआर दर्ज की थी। ईओडब्ल्यू की ओर से दर्ज एफआईआर में जिक्र किया है कि 2003 से 2018 के बीच संस्थान में यूजीसी के नियमों के विपरीत अपात्र व्यक्तियों की नियुक्ति की गई है। साथ ही कुठियाला ने विश्वविद्यालय के अकाउंट से संघ से जुड़ी संस्थाओं व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित अन्य संस्थाओं को मनमाने भुगतान किए हैं। इसके अलावा खुद व परिवार के सदस्यों पर भी खर्च किया।
कमेटी की जांच के बाद सामने आई थीं ये गड़बड़ियां
कांग्रेस सरकार ने पत्रकारिता विवि में हुई नियुक्तियों व आर्थिक गड़बड़ियों की जांच के लिए कमेटी बनाई थी। इसकी जांच रिपोर्ट में कई अनियमितताएं सामने आई थी। इसके अनुसार कुठियाला ने 2010 से 2018 के बीच एबीवीपी को 8 लाख रुपये, राष्ट्रीय ज्ञान संगम के लिए 9.50 लाख रुपये, जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र द्वारा श्रीश्री रविशंकर के आश्रम में आयोजित राष्ट्रीय विद्वत संगम के लिए 3 लाख रुपये, भारतीय वेब प्राइवेट लि. नागपुर को 46.607 रुपये का भुगतान किया था।