माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के रैक्टर पद से लाजपत आहूजा ने कार्यवाहक कुलपति पी. नरहरि को बुधवार शाम इस्तीफा सौंप दिया है। मंजूरी के लिए यह इस्तीफा मुख्यमंत्री कमलनाथ को भेजा जाएगा। नई सरकार आने के बाद विवि से यह दूसरा इस्तीफा है। इस इस्तीफे को एक आदेश से जोड़कर देखा जा रहा है।
इसके अनुसार आहूजा को प्रो-वाइस चांसलर के बराबर प्रतिमाह मिलने वाले भत्ते की तारीख लगभग दो साल 10 महीने पहले की बैकडेट से दिए जाने आदेश निरस्त किया गया था। इसके अगले दिन ही आहूजा ने इस्तीफा दे दिया। पूर्व रजिस्ट्रार प्रो. संजय द्विवेदी ने रैक्टर को प्रो वाइस चांसलर के समकक्ष प्रति माह 4000 भत्ते दिए जाने का संशोधित आदेश इसी साल 8 जनवरी को जारी किया।
इसके अनुसार 21 मई 2018 से दिए जाने वाले भत्ते की तारीख बदली गई और इसे रैक्टर के पूर्णकालिक कार्यभार ग्रहण करने की तारीख 1 मई 2015 से लागू करने का आदेश जारी किया। आहूजा ने अपने कॅरियर की शुरुआत स्वदेश अखबार से की थी।
इससे पहले माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति जगदीश उपासने ने भी 4 जनवरी 2019 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद से ही विश्वविद्यालय में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना जताई जा रही थी।
इस्तीफे की पुष्टि करते हुए आहूजा ने कहा कि:
यह तो अपेक्षित था जिसका मुझे क्षोभ नहीं है। लेकिन, राष्ट्रीय स्तर के विवि की वर्तमान स्थिति और सुदूर क्षेत्रों से पढ़ने आए विद्यार्थियों में जा रहे नकारात्मक संदेश के लिए दुख जरूर है। 40 साल से जनसंचार क्षेत्र में रहा हूं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और अकादमिक क्षेत्रों में कार्य करने का संतोष है। विवि में मेरा जो दायित्व रहा, उसे मैंने यथासंभव पूरी क्षमता और निष्ठा के साथ पूरा किया। मेरे कथन की गवाही विवि की नत्थियां और फाइल होंगे।