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एमपी: नवरात्रि के पहले दिन मैहर में उमड़ी आस्था, सुबह की आरती में मां शारदा के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु

Sun, 11 Oct 2026 08:42 AM IST
मैहर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर

सार

मैहर में रविवार को मां शैलपुत्री की पूजा के साथ शारदीय नवरात्रि मेले का शुभारंभ हुआ। सुबह 3 बजे मंदिर के पट खुले। लाल परिधान में सजीं मां शारदा के दर्शन के लिए पहले दिन लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

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मां शारदा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धार्मिक नगरी मैहर में रविवार को मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ शारदीय नवरात्रि मेले का शुभारंभ हो गया। त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा देवी के दरबार में नवरात्रि के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिर के पट सुबह 3 बजे खोले गए, जिसके बाद से ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया। पहले दिन लाखों श्रद्धालुओं के माता के दरबार में पहुंचने की उम्मीद है।

नवरात्रि मेले की शुरुआत के साथ ही मैहर में भक्तिमय माहौल बन गया है। मां शारदा के जयकारों से त्रिकूट पर्वत गूंज उठा। श्रद्धालु माता के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना कर रहे हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं के मैहर पहुंचने का सिलसिला जारी है। मंदिर परिसर और पहाड़ी क्षेत्र में दर्शन के लिए भक्तों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।

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लाल परिधान में सजीं मां शारदा, सुबह की आरती में उमड़ी श्रद्धा
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन रविवार को मां शारदा का लाल रंग के परिधान में भव्य श्रृंगार किया गया। माता के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालु उत्साहित नजर आए। सुबह की आरती के दौरान भक्तों ने मां शारदा की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। लाल परिधान में सजीं मां शारदा के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।

नवरात्रि के नौ दिनों तक मां शारदा के दरबार में विशेष धार्मिक उत्साह रहता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु त्रिकूट पर्वत पहुंचकर माता के दर्शन करते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। मेले के शुभारंभ के साथ ही धार्मिक नगरी में आस्था और भक्ति का विशेष पर्व शुरू हो गया है।

मां शैलपुत्री की आराधना से शुरू हुई नवरात्रि की साधना
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण माता को शैलपुत्री कहा जाता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, माता अपने पूर्व जन्म में राजा दक्ष की पुत्री सती थीं।

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मां शैलपुत्री का वाहन वृषभ यानी बैल है। उनके दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल सुशोभित रहता है। मान्यता है कि विधि-विधान से मां शैलपुत्री की पूजा करने से साधक को शक्ति, शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। इसी आराधना के साथ नवरात्रि की नौ दिवसीय आध्यात्मिक साधना का प्रारंभ होता है।

नौ दिनों तक मैहर में रहेगा भक्तिमय माहौलमां शारदा मंदिर में नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दौरान मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए मैहर पहुंचते हैं। नवरात्रि के पहले दिन से ही मंदिर में दर्शन-पूजन को लेकर भक्तों में उत्साह बना हुआ है। श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

शारदीय नवरात्रि मेले के शुभारंभ के साथ ही मैहर में अगले नौ दिनों तक भक्ति, आस्था और धार्मिक गतिविधियों का विशेष माहौल रहने की उम्मीद है। सुबह की आरती में लाल परिधान में सजीं मां शारदा के दर्शन के लिए श्रद्धालु जुटे। पूरा वातावरण माता के जयकारों और भक्तिमय उल्लास से सराबोर नजर आया।

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