मां शारदा की पूजा-अर्चना करते संत कालीचरण।
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अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले संत कालीचरण एक बार अपने बेतुके बयान के कारण चर्चा में बने हुए हैं। संत कालीचरण शुक्रवार को एक दिवसीय यात्रा पर मैहर पहुंचे। यहां उन्होंने त्रिकूट पर्वत पर विराजी मां शारदा की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मैहर निवासी श्याम त्रिपाठी के घर पहुंचे और सभी हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनको लव-जिहाद रोकने की नसीहत दी। इसके उपरांत वापस जबलपुर के लिए रवाना हो गए।
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12 बार करें इस मंत्र का जाप
संत कालीचरण ने मैहर में मीडिया से बातचीत करते हुए सभी हिन्दू समाज के बेटियों को नसीहत देते हुए कहा कि हिन्दू धर्म की सभी बेटियां दिन में ॐ बारहिय देव जय नमः का जाप करें। इसके अलावा शूकर के दांत को रात भर पानी में डुबोकर सुबह पीने की सलाह दी। उनका कहना है कि इससे बेटियां लव-जिहाद से सुरक्षित रहेंगी और बुद्धि आएगी।
मंत्र का जाप हिंदुओं को करना चाहिए
संत कालीचरण ने लव-जिहाद को टोटका, वशीकरण, इस्लामिक तांत्रिक प्रयोग बताया है। उन्होंने कहा कि सुंदर लड़कियां शादीसुदा लड़के के जाल में फंस जाती हैं, जबकि उनमें काफी समझ होती है। इसके बावजूद लव जिहाद का शिकार हो रही हैं। मुस्लिम जिहादियों द्वारा लड़की को टोटके के सहारे अपने बस में कर लिया जाता है। महिला कांस्टेबल को लड़की के शरीर में बंधे ताबीज को हटाना चाहिए। इसके अलावा बताए मंत्र का जाप हिंदुओं को करना चाहिए।
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संविधान का शुद्धिकरण का आवश्यक
हिंदू राष्ट्र के सवाल पर संत ने कहा कि सभी साधु-संतों की मांग है कि हिन्दू राष्ट्र हो। सभी प्रकार के कायदे कानून हिंदुओं के हित में हों। संविधान बहुमत की पुस्तक है, जिसमें 4 हज़ार 150 विधायक 45 लोकसभा सांसद 250 राज्यसभा सांसद कुल मिलकर 4945 लोग संविधान में चाहे जैसा परिवर्तन कर सकते हैं। ये बहुमत की पुस्तक है। ये धर्मग्रंथ नहीं है, जिसमें परिवर्तन की गुंजाइश नहीं हो। मुख्य रूप से अब बाबा साहब का संविधान ही नहीं बचा हुआ है इंदिरा गांधी जी के कारण। इसलिए हिंदुओं के संरक्षण के लिए संविधान का शुद्धिकरण होना अत्यंत आवश्यक है, जो बाबा साहब आंबेडकर को अपेक्षित था।