मैहर जिले के देहात थाना क्षेत्र के चपना करौंदी गांव के एक ही परिवार के चार लोगों की शनिवार की शाम खाना खाने के बाद अचानक देखते ही देखते तबियत बिगड़ गई। परिजनों द्वारा इलाज के लिए सभी को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
डॉक्टर ने बताया, कोदो की रोटी खाने से एक ही परिवार के चार लोगों को भर्ती करवाया गया है, जिनको चक्कर, पेट दर्द और उल्टी दस्त की शिकायत थी। पूछने पर उन्होंने जे बताया कि कोदो की रोटी खाई थी, जिसके बाद सभी को उपचार दिया जा रहा है। फिलहाल मरीजों की स्थिति में अब सुधार है।
कोदो को बीमारी का कारण मान रहे मरीज
पीड़ित मरीज ने बताया कि रात में घर के सभी सदस्यों ने खाने में कोदो का चावल और चने की भाजी खाई थी। कुछ देर बाद ही सभी को पेट में दर्द होने लगा और उल्टी आने लगी इसके बाद सभी सदस्य देखते ही देखते बीमार हो गए। आनन-फानन में परिजनों ने अस्पताल में भर्ती करवाया।
एमपी में लगातार बढ़ रहे मरीज
कोदो की रोटी और चावल खाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बीते दिन सतना जिले के अलग- अलग गांव से आठ लोग जिला अस्पताल में भर्ती करवाये गए थे। इसके पहले शहडोल संभाग में 13 हथियों की मौत के बाद आदिवासी बस्ती के 10 लोग बीमार हुए। वहीं, मैहर में भी बीते दिनों मैहर के जीतनगर में भी पांच लोग बीमार हुए। सभी मरीज कोदो की रोटी खाने के बाद देखते ही देखते बीमार हुए थे और उपचार के बाद सभी की स्वस्थ घर वापसी हुई थी। कुल मिलाकर देखा जाए तो प्रदेश में कोदो से बीमार होने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों का कहना है कि कोदो की पुरानी रोटी फूड पॉइजनिंग का कारण हो सकती है। इसके साथ ही कोदो की रोटी को जिस चने की भाजी के साथ खाया जा रहा है, उसमें अत्यधिक खाद का इस्तेमाल इस परेशानी की वजह हो सकता है। हालांकि, कोदो का अनाज खाने से ही लोग बीमार हो रहे हैं। इस बात की पुष्टि नहीं है।