मध्यप्रदेश सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस (20 मार्च) के मौके पर राज्य में पहली बार प्रसन्नता सूचकांक जारी करेगा। यह सूचकांक प्रश्नावली के आधार पर सरकार को लोगों की खुशियां बताने में मदद करेगा। इस बात की जानकारी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्विट के जरिये दी।
सीएम चौहान ने पिछले साल अपने उदघोषणा मे कहा था कि साल 2017 तक प्रसन्नता सूचकांक तैयार हो जाएगा लेकिन सोमवार को ट्विटर पर फ्रेश अनाउंसमेंट करते हुए उन्होंने कहा कि "अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस के मौके पर मेरे लिए एक अच्छा अवसर है कि इस प्रसन्नता सूचकांक को 2018 में प्रकाशित करने के लिए तैयार किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं काफी खुश हूं इस प्रसन्नता सूचकांक के सर्वे से जिससे हमारी सरकार की नीतियों और सार्वजनिक व्यय आधारित प्राथमिकताओं पर असर होगी। मेरे लिए बहुत गर्व की बात यह है कि भारत में एमपी एक खुशहाल विभाग स्थापित करने वाला पहला राज्य बनेगा"।
वहीं, राज्य प्रसन्नता विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोहर दूबे ने हिन्दूस्तान टाइम्स को कहा कि "हम व्यापक तौर पर प्रसन्नता सूचकांक तैयार करने के लिए कुछ संस्थानों और विशेषज्ञों से परामर्श करने की प्रक्रिया में हैं, जो भारत में किसी भी राज्य द्वारा पहली बार इस तरह की कवायद होगी।" इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैं ट्विटर पर ट्विट के साथ फोटोग्राफ भी शेयर किया था। एमपी के लोगों की खुशी को देखकर मुझे बहुत खुशी होती है।
बहरहाल, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने 1 अप्रैल 2016 को भोपाल में बीजेपी की राज्य कार्यकारिणी बैठक में प्रसन्नता विभाग की स्थापना की घोषणा करेंगे।