मध्य प्रदेश युवक कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया पर किडनैपिंग और डकैती के आरोप है। 17 मार्च को जोबट के भगोरिया में पूर्व केंद्रीय मंत्री व झाबुआ से विधायक कांतिलाल भूरिया और अलीराजपुर के पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष महेश पटेल में विवाद हुआ था। इस मामले में कांतिलाल भूरिया के बेटे विक्रांत को भी आरोपी बनाया गया है। विक्रांत का आरोप है कि उनके खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया है। जोबट की घटना में उन्हें फंसाने के लिए बीजेपी के बड़े नेताओं और मंत्रियों के फोन गए तब पुलिस ने कार्रवाई की। विक्रांत ने इसके अलावा युवक कांग्रेस, मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों के लिए युवक कांग्रेस संगठन की रणनीति और अन्य विषयों पर भी अमर उजाला से बातचीत की। पेश है उनसे बातचीत के प्रमुख अंश -
आपके खिलाफ अलीराजपुर में अपहरण और डकैती का केस दर्ज हुआ है। क्या आरोप सही है?
विक्रांतः यह पूरा मामला राजनीतिक षड्यंत्र है। पुलिस बीजेपी के नेताओं के दबाव में काम कर रही है। हमारे ऊपर हमला होता है। एक आरोपी को पकड़कर हम नजदीकी उदयगढ़ थाना लेकर जाते हैं। एसपी को मैं फोन कर सूचना देता हूं। इसकी सत्यता के लिए कॉल डिटेल निकाली जा सकती है। यह अपहरण कैसे हो गया? उसके बाद डकैती का झूठा प्रकरण दर्ज कर दिया जाता है। हमारी जीरो एफआईआर भी नहीं लिखी गई। हम सही है, इसलिए डरने वाले नहीं है?
दूसरा पक्ष भी कांग्रेस पार्टी से ही है। फिर बीजेपी नेता क्यों दबाव बनाएंगे?
विक्रांत: दोनों पक्ष थाने पहुंचे। काउंटर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी। पुलिस के पास बीजेपी के बड़े नेता और मंत्रियों के फोन जा रहे हैं। एक पक्ष की शाम 4 बजे एफआईआर दर्ज की जाती है। हमारी एफआईआर रात 10 बजे तक नहीं लिखी जाती है।
कोर्ट ने आपकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अब आप क्या करेंगे?
विक्रांत: देखिए, यह एक न्यायिक प्रक्रिया है। हम मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन लगाएंगे।
आप रायसेन में दो गुटों में संघर्ष हुआ था। एक की मौत भी हुई थी। इस मसले पर युवक कांग्रेस क्या कर रही है?
विक्रांतः रायसेन की पूरी घटना पुलिस के सामने हुई। उस गांव में दूसरे 10 से 15 गांव से लोग बुलाए गए। घटना के वक्त बिजली काट दी गई थी। गोली किसने चलाई किसी को पता नहीं है। 10 पुलिसकर्मी घायल हुए, लेकिन उनकी तरफ से एफआईआर कराने की हिम्मत नहीं हुई है। दूसरा मृतक के परिवार को एससी/एसटी एक्ट के तहत 8 लाख रुपये का मुआवजा मिलना था, लेकिन 5 लाख रुपये का चेक दिया गया। यह राशि भी अब तक उनके खाते में नहीं आई। एक्ट में सरकारी नौकरी देने का प्रावधान है। जब तक नौकरी नहीं दी जाती, तब तक 5 हजार रुपये महीना पेंशन पीड़ित परिवार को देने का प्रावधान है। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं किया गया। हम पीड़ित परिवारों से मिलेंगे और उसकी रिपोर्ट बनाकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को सौंपेगे।
आपका कहना है कि इसके पीछे बीजेपी का षड्यंत्र है, वह कैसे?
विक्रांतः इसमें कोई शक ही नहीं है। सभी को पता है कि दो पक्षों को लड़ाकर बीजेपी को फायदा होता है। आपस में लड़ाकर वोटों का धुव्रीकरण किया जा रहा है।
कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षाओं में धांधली के आरोप लग रहे हैं। युवक कांग्रेस इस पर क्या करने जा रही है?
विक्रांत: सुबह उम्मीदवार क्वालिफाई और शाम को डिस्क्वालिफाई हो जाता है। इस पूरे मामले में हम सीबीआई जांच की मांग करते हैं। इसमें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटे 8 लाख और शिक्षक पात्रता परीक्षा के 13 लाख युवाओं का भविष्य दांव पर है। हद तो यह है कि परीक्षा में गड़बड़ी का मामला उठाने वालों पर ही एफआईआर दर्ज हो गई है। एट्रोसिटी एक्ट में एफआईआर दर्ज हुई है, जबकि इस मामले में केस बनता ही नहीं है। सबसे खास बात यह है कि मुख्यमंत्री के ओएसडी का नाम सामने आता है तो वह खुद ही एफआईआर कराने पहुंच जाते हैं। इससे साफ है कि चोर की दाढ़ी में तिनका है।
विधानसभा चुनावों में अब एक साल से थोड़ा ही ऊपर समय बचा है। इस पर युवक कांग्रेस की रणनीति क्या होगी?
विक्रांत: मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं। इसे लेकर हम रणनीति बना रहे हैं। चार अप्रैल को भोपाल में युवा कांग्रेस की महामंथन बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी, राष्ट्रीय प्रभारी कृष्णा अल्लवरु शामिल होंगे। इसमें युवक कांग्रेस के काम और 1 बूथ 5 यूथ अभियान की समीक्षा की जाएगी। साथ ही बेरोजगारी, महंगाई और व्यापमं-3 को लेकर आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
मध्य प्रदेश में युवक कांग्रेस के 1 बूथ 5 यूथ अभियान की रफ्तार बहुत धीमी नहीं है।
विक्रांत: यह सही नहीं है। हम 2023 के चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। 4 महीने में हम 65 हजार बूथ में से 14 हजार पर पहुंच सकते हैं, तो 4 महीने में हर बूथ पर तैनाती भी कर सकते है। लेकिन पूरे वेरिफिकेशन के साथ तैनाती कर रहे हैं। इस बार हमने पहले से तैयारी कर ली है। इस बार हम चुकेंगे नहीं।