उन्होंने कहा, शिवराज जी, ये मत भूलिए कि कल के बाद परसों भी आता है। वहीं, मौके पर मौजूद भोपाल कलेक्टर ने कहा, इस जमीन के लिए उद्योग विभाग अनुमति दे चुका है। सभी विधिक अनुमतियां हैं। मालूम हो कि रविवार को ही इस जमीन का भूमिपूजन किया जा रहा था। इसके लिए बड़ी तादात में पुलिस बल तैनात करने के साथ-साथ बैरिकेड भी लगाये गए थे।
इसी बीच, इस जमीन की भूमि पूजन में शामिल हुए मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने मीडिया से कहा, इस जमीन पर लघु उद्योग भारती कार्यालय नहीं, बल्कि कौशल विकास का एक बड़ा केन्द्र बन रहा है, जहां युवाओं का कौशल विकास किया जाएगा एवं उनको रोजगार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो सब कार्यों का विरोध करती है और वह इसमें भी राजनीति कर रही है। सारंग ने बताया कि एक भी उद्योगपति इस पार्क को कौशल विकास केंद्र बनाने का विरोध नहीं कर रहा है। वहीं, अशोका गार्डन पुलिस थाना प्रभारी आलोक श्रीवास्तव ने बताया, पुलिस ने पानी की बौछार की है।
उन्होंने कहा, इस मामले में दिग्विजय सिंह एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा सहित आठ कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नामजद एवं करीब 200 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ बिना नाम के भादंवि की धारा 188, 269 एवं 147 के तहत अशोका गार्डन पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। श्रीवास्तव ने बताया कि इन लोगों ने प्रदर्शन करने के लिए कोई अनुमति नहीं ली थी।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के चलते इलाके में धारा 144 लगी हुई थी और चार से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकते थे। इन्होंने धारा 144 की अवहेलना किया है और कोरोना महामारी फैलाने का अपराध किया है।