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मध्य प्रदेश: ग्वालियर एयरबेस पर नीलगायों का आतंक, मारने के विकल्प पर विचार, अनुमति के लिए केंद्र को भेजा प्रस्ताव

Fri, 13 May 2022 02:39 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

ग्वालियर एयरबेस पर नीलगाय परेशानी बनी हुई हैं। परेशानी इतनी कि उन्हें मारने तक का विकल्प चर्चा में आ गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला होने से नीलगायों को मारने की अनुमति के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
 
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ग्वालियर में स्थित एयरबेस पर नीलगायें इस समय सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित एयरबेस पर नीलगायें इस समय सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। एयरबेस पर लगभग 150 नीलगाय हैं और इनसे फ्लाइट और लड़ाकू विमानों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। नीलगाय अब एयरफोर्स के रिहायशी इलाके में भी घुसने लगी हैं। यही कारण है कि एयरफोर्स ने नील गांव से सुरक्षा के लिए वन विभाग को पत्र लिखा है। एयरबेस पर नीलगाय की समस्या को लेकर एयरपोर्ट के अफसरों प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। इसमें अब नीलगाय से निपटने के लिए मारने तक की अनुमति का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रशासन और वन विभाग ने नीलगांव को मारने की अनुमति को विकल्प बताया है। जिसके लिए प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया गया है।
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ग्वालियर के डीएफओ बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि रिहायशी इलाकों में तो उनको पकड़कर कैद किया जा सकता है, लेकिन रनवे का इलाका खुला है ऐसे में उन्हें पकड़ा नहीं जा सकता। ऐसे में रनवे के आस पास मजबूत बाउंड्री वॉल बनाई जाए। यदि इससे भी नीलगाय का आतंक नहीं रुकेगा तो सरकार से विशेष परमिशन लेकर उनको मारा जाएगा। क्योंकि मध्यप्रदेश में नील गाय को मारने की अनुमति नहीं है, लेकिन मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है इसलिए इस मामले को लेकर केंद्र सरकार भी विशेष ध्यान रख रही है। उनका कहना है कि इसको लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से जो निर्देश दिए जाएंगे उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
 
बता दें नीलगाय एक बड़ा और शक्तिशाली जानवर होता है। कद में नीलगाय घोड़े जैसा होता है पर उसकी शरीर की बनावट घोड़े के समान संतुलित नहीं होती है। दौड़ते समय यह अत्यंत खतरनाक होता है। नीलगाय भारत में पाई जाने वाली मृग जातियों में से सबसे बड़ी है। इसका वजन 120 किलो से 240 किलो तक होता है और हाईवे पर सड़क हादसे का भी एक सबसे बड़ा कारण है। यही वजह है कि अब नीलगाय का आतंक महाराजपुरा एयरबेस पर है। यही वजह है कि अब इन सभी 150 नीलगायों को मारने के लिए प्रशासन और वन विभाग ने प्लान तैयार कर लिया है।
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गौरतलब है कि भारत में बेंगलूरु के बाद सबसे बड़ा एयरबेस मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित महाराजपुरा एयरबेस है। इस एयरबेस पर रोज सैन्य अभ्यास जारी रहता है इतना ही नहीं सर्जिकल अटैक के समय भी ग्वालियर से लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी थी। इसके साथ ही मिग-21 का सबसे बड़ा स्टेशन माना जाता है।
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